नई दिल्ली, 21 अप्रैल । “विधायी मसौदा-निर्माण लोकतांत्रिक शासन का मूल है; किसी कानून की सटीकता ही तय करती है कि वह अधिकारों की रक्षा कितनी प्रभावी ढंग से करता है, जवाबदेही सुनिश्चित करता है और आम नागरिकों के जीवन को कैसे प्रभावित करता है,” यह बात दिल्ली विधानसभा के माननीय अध्यक्ष श्विजेन्द्र गुप्ता ने मंगलवार दिल्ली विधान सभा के दौरे पर आए 18 देशों के 43 प्रतिनिधियों के दल को संबोधित करते हुए कही।
ये प्रतिनिधि बांग्लादेश, भूटान, ओमान, केन्या, श्रीलंका, फिलीपींस और तंजानिया सहित विभिन्न देशों से आए थे और लोकसभा सचिवालय के संसदीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) द्वारा आयोजित 37वें अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।
गुप्ता ने बताया कि विधानसभा परिसर को एक विरासत स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां एक संग्रहालय बनाया जा रहा है जो विधानसभा की यात्रा को दर्शाएगा। इसके अलावा, इसके इतिहास को जनता तक पहुंचाने के लिए लाइट एंड साउंड शो की भी योजना बनाई जा रही है।