नई दिल्ली, 21 अप्रैल। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के जरिए गेहूं की सरकारी खरीद फिर से शुरू करने का फैसला लिया है।
इस फैसले से किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिल सकेगा और स्थानीय कृषि व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस निर्णय के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह कदम किसानों के कल्याण और उनकी आय को सुरक्षित करने के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है और यह फैसला उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से दिल्ली के किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिलेगा और वे अधिक सशक्त बनेंगे।
बता दें कि इस विषय पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी को पत्र लिखकर रबी विपणन सत्र में दिल्ली में एफसीआई के जरिए गेहूं खरीद तत्काल बहाल करने का अनुरोध किया था।
बतौर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता -‘केंद्र सरकार ने एफसीआई को निर्देश जारी किए हैं कि रबी विपणन सत्र 2026-27 में दिल्ली में गेहूं खरीद की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके तहत 24 अप्रैल 2026 से दिल्ली में दो प्रमुख स्थानों, नरेला स्थित एफसीआई डिपो और नजफगढ़ मंडी में खरीद केंद्र संचालित किए जाएंगे, जिससे किसानों को उनके निकट ही अपनी उपज बेचने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।”
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, वर्ष 2021-22 के बाद दिल्ली में एफसीआई की ओर से एमएसपी पर गेहूं की खरीद फिर से शुरू की जा रही है। राजधानी में लगभग 29 हजार हेक्टेयर भूमि पर कृषि होती है। प्रतिवर्ष लगभग 80 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन होता है, जो स्थानीय खपत से अधिक है और बाजार में बेचने के लिए उपलब्ध रहता है। इस पहल से दिल्ली के लगभग 21,000 किसानों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है।