नई दिल्ली, 13 अप्रैल। जलियाँवाला बाग नरसंहार के 107वें स्मृति दिवस पर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने उन अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने ब्रिटिश साम्राज्यवाद की क्रूरता के सामने अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
गुप्ता ने एक ऐतिहासिक तथ्य की ओर ध्यान आकर्षित किया जो प्रायः इतिहास की परतों में दब जाता है। गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के इस घंटाघर नरसंहार की त्रासदी की पुनरावृत्ति मात्र चौदह दिन बाद 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियाँवाला बाग में हुई, जब जनरल डायर के आदेश पर सैकड़ों निर्दोष भारतीयों को गोलियों से भून दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इन शहीदों का सर्वोच्च बलिदान व्यर्थ नहीं गया। उनके रक्त से स्वतंत्रता संग्राम की ज्वाला और प्रखर हुई और समूचा राष्ट्र एकजुट होकर आज़ादी के महायज्ञ में कूद पड़ा।