नई दिल्ली, 24 मार्च । दिल्ली विधानसभा में सोमवार को पेश की गई कैग रिपोर्ट के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के तत्कालीन आधिकारिक निवास, 6 फ्लैगस्टाफ रोड में नवीनीकरण का काम 33.66 करोड़ रुपये में पूरा हुआ, जो अनुमानित लागत से 342 प्रतिशत अधिक था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा विधानसभा में पेश की गई नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 2022 की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 33.66 करोड़ रुपये में से 18.88 करोड़ रुपये ”महंगी, कलात्मक और सजावटी” वस्तुओं पर खर्च किए गए थे। फ्लैगस्टाफ रोड स्थित बंगला को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ”शीश महल” करार देते हुए केजरीवाल और उनकी सरकार पर हमले करती थी। इस आवास में केजरीवाल 2015 से 2024 तक दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में रहे। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा बंगले में अतिरिक्त कमरे उपलब्ध कराने के साथ-साथ वहां स्थित कैंप कार्यालय और स्टाफ ब्लॉक में किए गए बदलावों में कई अनियमितताएं पाई गईं। इसमें कहा गया कि 9.34 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति और व्यय की मंजूरी काम पूरा होने के दो महीने से अधिक समय बाद दी गई, जिससे बिना किसी पूर्व अनुमति के ही देनदारी उत्पन्न हो गई। कैग की रिपोर्ट के अनुसार, ऑडिट में पाया गया कि स्टाफ ब्लॉक और कैंप कार्यालय के निर्माण के लिए स्वीकृत 19.87 करोड़ रुपये में से धनराशि को अन्य कार्यों में लगा दिया गया।