नई दिल्ली: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)-दिल्ली देश का पहला ऐसा चिकित्सा संस्थान बन गया है जिसने चेहरा प्रतिरोपण शुरू करने की घोषणा की है।
एम्स की ओर से 13 फरवरी को धोषणा की गई कि ‘प्लास्टिक, रिकंस्ट्रक्टिव एंड बर्न सर्जरी’ विभाग ने चेहरे की गंभीर विकृति वाले मरीजों के लिए एक रजिस्ट्री स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विभाग सांस लेने, मुंह खोलने और पलक झपकाने जैसे चेहरे के महत्वपूर्ण कार्यों में बाधा से जूझ रहे मरीजों और कई शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं के बावजूद लाभान्वित न हुए रोगियों को इस प्रक्रिया का लाभ पहुंचाएगा।
विभाग 11 से 15 फरवरी तक ‘बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी ब्लॉक’ में एक गहन शव परीक्षण कार्यशाला और अकादमिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन भी कर रहा है। कार्यशाला के अंतर्गत, बृहस्पतिवार को ‘ब्रेनडेड’ रोगी के चेहरे की त्वचा का नमूना लिया गया।