नई दिल्ली, 12 अप्रैल । फर्जी दस्तावेजों की मदद से बैंक खाता खोलकर साइबर धोखाधड़ी गिरोह की मदद करने के आरोप में 35 वर्षीय एक बैंक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, गाजियाबाद निवासी इरशाद मलिक एक निजी बैंक में कार्यरत था और उस पर आरोप है कि फर्जी खाते के माध्यम से धन की हेराफेरी में उसने जालसाजों की मदद की।
उन्होंने बताया कि यह मामला द्वारका में दर्ज की गई एक प्राथमिकी से संबंधित है, जो एक पुलिस अधिकारी की शिकायत के बाद दर्ज की गई थी। शिकायत में अधिकारी ने अपनी सहमति या ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) प्रमाणीकरण के बिना अपने खाते से 88,000 रुपये की अनधिकृत निकासी हुई थी।