नई दिल्ली, 3 अप्रैल। दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को ‘वायु प्रदूषण शमन कार्य योजना’ जारी की, जिसके तहत बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र के ईंधन न देने (नो पीयूसी-नो फ्यूल) को कड़ाई से लागू किया जाएगा, केंद्रीयकृत हरित वार रूम और एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र स्थापित किया जाएगा तथा वार्ड स्तर पर ‘वायु रक्षक’ टीमें तैनात की जाएंगी। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है।
बयान के मुताबिक, सर्दियों में सिर्फ बीएस-छह, सीएनजी या इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों को ही राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश की अनुमति होगी तथा शहर में यातायात जाम की समस्या हल करने के लिए 62 अहम बिंदुओं की पहचान की गई है, जहां समयबद्ध सुधार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “पर्यावरणीय प्रशासन को मजबूत करने के लिए वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है और एक केंद्रीकृत हरित वॉर रूम तथा एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र स्थापित किया जा रहा है। वार्ड स्तर पर ‘वायु रक्षक’ टीमें तैनात की जाएंगी.. ताकि वास्तविक समय में निगरानी रखी जा सके तथा त्वारित कार्रवाई की जा सके।”