नई दिल्ली, 30 मार्च। ऐतिहासिक रौलेट सत्याग्रह की वर्षगांठ के अवसर पर, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने माननीय राष्ट्रपति को आज ही के दिन हुई पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक में घटित उस ऐतिहासिक घटना से अवगत कराया।
श्री गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा सचिवालय द्वारा प्रकाशित प्रतिष्ठित कॉफी टेबल बुक, ‘शताब्दी यात्रा—वीर विट्ठलभाई पटेल’ भी राष्ट्रपति को भेंट की। इस शिष्टाचार मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति ने कहा, स्मृति का दीप जलाए रखे, यह शहीदों की शहादत है, इसके प्रकाश को कभी कम नहीं होने देना। आज की पीढ़ी को याद रहे इसीलिए यह लौ सदैव जलती रहनी चाहिए”।
उन्होंने राष्ट्रपति को 30 मार्च के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। आज ही के दिन यानि 30 मार्च 1919 में स्वामी श्रद्धानंद ने दिल्ली के चांदनी चौक में दमनकारी रौलेट एक्ट के खिलाफ एक निडर और अहिंसक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। सत्याग्रह के शांतिपूर्ण होने के बावजूद, ब्रिटिश सेना ने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास मशीनगनों से अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें 50 से अधिक निहत्थे भारतीय शहीद हो गए थे।