राजधानी के कावली रोड क्षेत्र में “मासिकधर्म के लिए जागरूकता” कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और अंबेडकर जेंडर इक्वलिटी क्लब के सदस्यों ने भाग लिया। कार्यकम में मुख्य रूप से दिल्ली से पहुंची राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर डॉ रेणु छाछर ने मासिकधर्म पर महिलाओं के साथ खुलकर चर्चा की, और बताया कि महिलाओं को मासिकधर्म के नाम पर अंधविश्वास धर्म की आड़ में फैलाया गया है, नारी का उत्पीड़न किया जाता है। उनके साथ होने वाले शोषण मकसद सिर्फ महिला को तुच्छ साबित करना है।
फेमिनिस्ट लीडर आंचल पिहवाल ने बताया कि जितने भी वर्त बने हैं वो सब के सब महिलाओं के लिए ही बनाए, ये देश पुरुष प्रधान देश है इसलिए ये सब होता आया है। इसी श्रखंला में एडवोकेट नितिन चंचल ने कार्यक्रम में कहा कि सफाई कर्मचारी आंदोलन द्वारा जागरूकता कार्यक्रम एक सराहनीय कदम है मै आंदोलन की टीम का आभार और धन्यवाद करता हूं, जो समाज में अंधविश्वास को दूर करने में अपना योगदान दे रहे हैं।
कार्यक्रम अंबेडकर जेंडर इक्वलिटी क्लब की लीडर तनु कसेरवाल ने सावित्री बाई फुले के जीवन संघर्ष पर छोटे बच्चों द्वारा एक नाटक किया जिसमें तत्कालीन समय को दर्शाया।
कार्यक्रम में सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन उत्तराखंड के राज्य संयोजक ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों का अभिनंदन और स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया , और सभी से आग्रह किया कि हमें अंधविश्वास आडंबरों से ऊपर उठना पड़ेगा तभी हम बाबा साहेब के विचारों आगे बढ़ाने में सक्षम होंगे।
इस अवसर कार्यक्रम में शामिल सभी को जय भीम के नारों का जयघोष करते हुए धन्यवाद दिया। छबील बाग बस्ती में जागरूकता अभियान के लिए रैली निकाल कर लोगों जागरूक किया गया। कार्यक्रम में कुसुम, सुमन, प्रीति, दीपा, प्रीत, बाबू, मीनाक्षी, प्रिंस, आशीष, आयशा चमोली, मंजू, रीता, सोनिया, आदि मौजूद रहे।