नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज (01 फरवरी) संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा कि करदाताओं के लिए जीवन जीने की सुगमता सुनिश्चित करने हेतु प्रत्यक्ष करों पर अनेक प्रस्ताव किए गए हैं। श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि कसी साधारण व्यक्ति को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा अधिनिर्णित ब्याज को आयकर से छूट दी जाएगी और इस मद में कोई स्रोत पर काटा गया कर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा कार्यक्रम पैकेज की बिक्री पर टीसीएस दर को बिना किसी राशि निर्धारण के मौजूदा 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत से कम करते हुए 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है। वित्तमंत्री ने कहा कि शिक्षा प्राप्त करने और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए उदारीकृत धनप्रेशन योजना (एलआरएस) के अंतर्गत टीसीएस दर को 5 प्रतिशत से कम करके 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है।
उन्होंने कहा कि कार्यबल सेवाओं की आपूर्ति को टीडीएस के प्रयोजनार्थ विशिष्ट रूप से संविदाकारों को भुगतान के दायरे में लाने का प्रस्ताव है, ताकि अस्पष्टता से बचा जा सके। इस प्रकार इन सेवाओं पर टीडीएस की दर 1 प्रतिशत अथवा 2 प्रतिशत मात्र होगी। श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि छोटे करदाताओं के लिए एक योजना का प्रस्ताव किया जा रहा है, जिसमें नियम आधारित स्वचालित प्रक्रिया से कर निर्धारण अधिकारी के समक्ष आवेदन दाखिल करने के स्थान पर कम अथवा शून्य कटौती प्रमाणपत्र प्राप्त करना संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि अलग-अलग कंपनियों में प्रतिभूतियां धारित करने वाले करदाताओं की सुविधा के लिए डिपोजिट्री, निवेशक के प्रपत्र 15जी अथवा प्रपत्र 15एच स्वीकार करने तथा इसे सीधे विभिन्न संबद्ध कंपनियों को उपलब्ध कराने का प्रस्ताव किया गया है। एक सांकेतिक शुल्क के भुगतान पर विवरणियों को संशोधित करने के लिए उपलब्ध समय को 31 दिसंबर से 31 मार्च तक बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है।
वित्तमंत्री ने कहा कि कर विवरणियों को दाखिल करने के लिए अलग-अलग समय-सीमा रखने का प्रस्ताव किया जा रहा है। आईटीआर 1 और आईटीआर 2 विवरणियों वाले व्यक्तियों द्वारा इसे 31 जुलाई तक दाखिल करना जारी रहेगा और गैर लेखा परीक्षा व्यापार मामलों या नयासों को 31 अगस्त तक समय की अनुमति देने के लिए प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी अनिवासी द्वारा अचल संपत्ति की बिक्री पर टीडीएस की कटौती किए जाने और टैन की आवश्यकता के बजाए निवासी क्रेता के पैन आधारित चालान के माध्यम से जमा किए जाने का प्रस्ताव किया गया है।संसद में बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि छात्रों, युवा पेशेवरों, तकनीकी कर्मचारियों, अन्यत्र चले गए अनिवासी भारतीयों और ऐसे अन्य छोटे करदाताओं की व्यवहारिक समस्याओं को दूर करने के लिए, इन करदाताओं के लिए एक निश्चित आकार के नीचे आय अथवा परिसंपत्ति को प्रकट करने के लिए 6 माह की विदेशी परिसंपत्ति प्रकटीकरण योजना शुरू करने का प्रस्ताव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर योजना करदाताओं की दो श्रेणियों पर लागू होगा :
(ए) जिन्होंने अपनी विदेशी आय या परिसंपत्ति प्रकट नहीं की है, और
(बी) जिन्होंने अपनी विदेशी आय प्रकट की है और/या देयकर का भुगतान किया है, किंतु अपेक्षित परिसंपत्ति की घोषणा नहीं कर सके हैं।
उन्होंने कहा कि श्रेणी-ए के लिए अप्रकट आय/परिसंपत्ति की सीमा 1 करोड़ रुपए तक करने का प्रस्ताव है। उन्हें कर के रूप में परिसंपत्ति के उचित बाजार मूल्य का 30 प्रतिशत या अप्रकट आय का 30 प्रतिशत और दंड के स्थान पर अतिरिक्त आयकर के रूप में 30 प्रतिशत का भुगतान करना होगा एवं इससे अभियोजन से उन्मुक्ति होगी।
उन्होंने कहा कि श्रेणी-बी के लिए परिसंपत्ति मूल्य 5 करोड़ रुपए तक करने का प्रस्ताव है। इसमें एक लाख रुपए के शुल्क के भुगतान पर दंड और अभियोजन दोनों से उन्मुक्ति होगी।