डीयू साहित्य महोत्सव में किया विद्यार्थियों से सीधा संवाद
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय साहित्य महोत्सव के दूसरे दिन संवाद कार्यक्रम में बॉलीवुड के जाने-माने कलाकार पंकज त्रिपाठी ने वक्ता के रूप में भाग लिया।
इस अवसर पर :नौटंकी’ नाम से आयोजित संवाद में डॉ शांतनु बोस ने उनके साथ विस्तार से चर्चा की। इस दौरान एक प्रश्न के उत्तर में त्रिपाठी ने कहा कि ठहराव बहुत अद्भुत चीज है, वह हमारे जीवन में जरूर होना चाहिए। किसान भी जमीन में बीज डालकर 15 दिन उगने का इंतजार करता है। जेन जी के लिए संदेश के सवाल पर पंकज त्रिपाठी ने कहा कि आप बहुत आगे हैं, आपके लिए कोई संदेश नहीं।
इस उन्होंने विद्यार्थियों की मांग पर अपनी फिल्म का एक संवाद “आप जिस शहर में नौकर बनकर आए हैं हम मालिक हैं उसके” भी सुनाया।
कार्यक्रम के आरंभ में डीयू कल्चर काउंसिल के चेयरपर्सन एवं डीयू साहित्य महोत्सव की कोर कमेटी के उपाध्यक्ष एवं कनवीनर अनूप लाठर ने पंकज त्रिपाठी को शॉल ओढा कर सम्मानित किया।