कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से भारत सरकार में कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी जी के सम्बोधन का हुआ सजीव प्रसारण
उत्तरी राज्यों के प्रतिभाशाली प्रतिभागियों को एक साथ लाकर, हम न केवल प्रतिभाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि भारत की अगली पीढ़ी के पेशेवरों में आत्मविश्वास, नवाचार और नेतृत्व को भी पोषित कर रहे हैं-कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री।
आगरा: 11.03.2026 को नैशनल स्किल डवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NSDC) द्वारा नॉर्थ जोन इंडिया स्किल रीजनल कम्पटीशन 2025-26 का सूरसदन प्रक्षागृह में आयोजन किया गया, जिसका शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से भारत सरकार में कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी जी के सम्बोधन का सजीव प्रसारण किया गया, जिसको उपस्थित जनसमूह द्वारा देखा व सुना गया। कार्यक्रम में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक, व्यवसायिक शिक्षा श्री संजय सागर जी ने अपने सम्बोधन में कहा कि इस कायक्रम में 09 उत्तरी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतियोगी भाग ले रहे हैं, 11 से 14 मार्च 2026 तक चलने वाले चार दिवसीय इस कार्यक्रम में पारंपरिक व्यवसायों और उभरती प्रौद्योगिकियों के अंतर्गत 63 कौशलों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो इस क्षेत्र की प्रतिभा की गहराई और विविधता को उजागर करेगा।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के तत्वावधान में आयोजित और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) द्वारा समर्थित, उत्तरी क्षेत्र की यह प्रतियोगिता राज्य स्तरीय कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, समावेशी भागीदारी को बढ़ावा देने और भारत के युवाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक उत्कृष्टता मानकों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से भारत सरकार में कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने कहा कि “आगरा में इंडियास्किल्स उत्तर क्षेत्रीय प्रतियोगिता का आयोजन महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह शहर न केवल एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक केंद्र है, बल्कि कौशल विकास और उद्योग का एक उभरता हुआ केंद्र भी है। यह प्रतियोगिता माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जहां ज्ञान और कौशल हमारे युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और भविष्य के लिए तैयार बनाते हैं। उत्तरी राज्यों के प्रतिभाशाली प्रतिभागियों को एक साथ लाकर, हम न केवल प्रतिभाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि भारत की अगली पीढ़ी के पेशेवरों में आत्मविश्वास, नवाचार और नेतृत्व को भी पोषित कर रहे हैं।“ उद्घाटन समारोह में प्रतियोगियों की भव्य परेड, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विशेषज्ञों और प्रतिभागियों द्वारा शपथ ग्रहण समारोह शामिल थे, जो व्यावसायिकता और समर्पण की भावना को दर्शाते हैं।
कार्यक्रम में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के महानिदेशक श्री अरुण कुमार यादव ने कहा कि “भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति तभी आर्थिक शक्ति में परिवर्तित हो सकती है जब उसे कौशल का समर्थन प्राप्त हो। यह पांचवीं इंडियास्किल्स क्षेत्रीय प्रतियोगिता महज एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि विश्व स्तरीय प्रतिभाओं की पहचान और पोषण का एक मंच है, जो आगे चलकर शंघाई में आयोजित होने वाली विश्व कौशल प्रतियोगिता 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, औपचारिक रूप से कुशल युवाओं की संख्या बढ़ाना हमारी रणनीतिक प्राथमिकता बनी हुई है। उद्योग-अनुकूल अल्पकालिक प्रशिक्षण और एक मजबूत दीर्घकालिक संस्थागत पारिस्थितिकी तंत्र के संयोजन के माध्यम से, हम एक ऐसा कार्यबल तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं, जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी हो, नई तकनीकों के अनुकूल हो और अर्थव्यवस्था की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार हो। कार्यक्रम का समापन एमएसडीई के संयुक्त निदेशक श्री प्रवीण कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
यह प्रतियोगिता अगले तीन दिनों तक बीएसएनएल ग्राउंड, आगरा में जारी रहेगी। पहले और दूसरे दिन (12-13 मार्च) विशेषज्ञों और मुख्य विशेषज्ञों के नेतृत्व में कौशल प्रदर्शन, मूल्यांकन और कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी। 360 से अधिक प्रतिभागी अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता का प्रदर्शन करेंगे, जबकि मूल्यांकनकर्ता पारदर्शी और योग्यता-आधारित मूल्यांकन सुनिश्चित करेंगे। 14 मार्च को समापन समारोह में विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा और प्रशिक्षकों, मार्गदर्शकों और आयोजकों के योगदान को सराहा जाएगा। इंडियास्किल्स क्षेत्रीय प्रतियोगिता उच्च प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवारों के लिए राष्ट्रीय स्तर की इंडियास्किल्स प्रतियोगिता में आगे बढ़ने और संभावित रूप से वर्ल्डस्किल्स इंटरनेशनल जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। यह पहल देश के युवाओं के लिए कौशल को गौरव, पहचान और अवसर का स्रोत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, उन्हें उत्कृष्टता प्राप्त करने और भारत को विकसित भारत की ओर ले जाने में योगदान देने के लिए प्रेरित करती है।