नई दिल्ली, 22 फरवरी। राष्ट्रीय शैक्षिक संघ, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) एवं दीनदयाल उपाध्याय महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्त्वावधान में रविवार कोको ‘डिजिटल समाज और मानव मूल्य: एआई युग मेंएकात्म मानव दर्शन की प्रासंगिकता’ विषय पर दो-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ।
इस कार्यक्रम का लक्ष्य आज के सूचनाक्रांति और एआई के युग में मानवीय मूल्यों की प्रासंगिकता को लक्षित करना है। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जितिन प्रसाद, (वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार) विशिष्ट अतिथि प्रो. अशोक किमर चक्रवाल, (कुलपति, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय,प्रो. हेमचन्द्र जैन, प्राचार्य, दीनदयाल उपाध्याय महाविद्यालय; दिल्ली विश्वविद्यालय, की उपस्थिती रही।
प्रो. हेमचन्द्र जैन ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए एआई के चुनौतीपूर्ण समय में मानवीय मूल्यों की महत्ता के संदर्भ में इस संगोष्ठी को निर्णायक कदम बताया। प्रो. अशोक कुमार चक्रवाल ने ज़ोर देते हुए कहा कि एआई न तो हमारा गुरु हो सकता है और न ही हमें अपना शिष्य बना सकता है। एआई का हमें एक दास की तरह सहायक टूल के तौर पर उपयोग करते हुए निरंतर बेहतर होना है।