उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने 14 फरवरी 1998 को कोयंबटूर में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में आज उन्होंने 14 फरवरी 1998 के कोयंबटूर सिलसिलेवार बम धमाकों को “हमारे राष्ट्र के इतिहास का एक काला और दर्दनाक अध्याय” बताया।
उस दिन का स्मरण करते हुए उपराष्ट्रपति महोदय ने कहा कि जब श्री एल. के. आडवाणी शहर के दौरे पर थे, तब सिलसिलेवार भयावह विस्फोटों ने कोयंबटूर को हिलाकर रख दिया और अनगिनत परिवारों पर गहरे घाव छोड़ दिए। उन्होंने कहा कि उस समय व्याप्त भय, शोक और अनिश्चितता का वातावरण उनकी स्मृति में आज भी गहराई से अंकित है।
एक धमाके में बाल-बाल बचने की घटना का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि वे भयावह क्षण, जब उन्होंने घायलों को बचाने के लिए संघर्ष किया और गंभीर रूप से घायलों को अस्पतालों में पहुंचाया, उनके जीवन के सबसे दर्दनाक पलों में से हैं।
उपराष्ट्रपति ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख पर बल देते हुए सभी से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने और शांति, सद्भाव तथा राष्ट्रीय अखंडता को बनाए रखने के सामूहिक संकल्प की पुष्टि करने का आग्रह किया।