सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, स्माइल (आजीविका और उद्यम के लिए सीमांत व्यक्तियों को सहायता) योजना को लागू कर रहा है, जिसमें “भिक्षा वृत्ति के कार्य में लगे व्यक्तियों का व्यापक पुनर्वास” उप-योजना शामिल है, जिसका उद्देश्य व्यापक पुनर्वास उपायों के माध्यम से भिक्षा वृत्ति मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना है।
स्माइल भिक्षावृत्ति उप-योजना वर्तमान में देश भर के 181 चयनित शहरों में चलाई जा रही है। 31 जनवरी 2026 तक, कुल 30,257 भिक्षुकों की पहचान की गई है, और विभिन्न शहरों में 8,129 ऐसे व्यक्तियों का पुनर्वास किया गया है।
स्माइल योजना के अंतर्गत ट्रांसजेंडर कल्याण के लिए, सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग द्वारा 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 23 गरिमा गृहों को वर्तमान में सहायता प्रदान की जा रही है। इनमें से 6 गरिमा गृहों को वर्ष 2025-26 के दौरान नया अनुमोदन प्राप्त हुआ और खोला गया।
अगले पांच वर्षों के भीतर प्रत्येक राज्य की राजधानी में कम से कम एक गरिमा गृह स्थापित करने के लिए फिलहाल कोई रोडमैप प्रस्तावित नहीं किया गया है।
स्माइल योजना के तहत वित्त पोषित सभी गरिमा गृहों को भौगोलिक रूप से चिह्नित किया गया है। स्माइल भिक्षावृत्ति उप-योजना के अंतर्गत, पुनर्वास केंद्रों और आश्रय गृहों का विवरण स्माइल-भिक्षावृत्ति राष्ट्रीय पोर्टल (https://smile-be.dosje.gov.in) के माध्यम से एकत्रित करते हुए पंजीकृत करने के बाद उसकी निगरानी की जाती है।
वर्ष 2024-25 के दौरान पीएम-दक्ष योजना के तहत अब तक भिक्षुक समुदाय या ट्रांसजेंडर समुदाय से किसी भी लाभार्थी को प्रमाणित नहीं किया गया है।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।