नई दिल्ली ,29 जनवरी । अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली ने गुरुवार को सभी एम्स संस्थानों के निदेशकों की बैठक आयोजित की, जिसमें अखिल भारतीय सहयोगात्मक अनुसंधान संघ की स्थापना के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल समन्वित जैव चिकित्सा एवं नैदानिक अनुसंधान को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नई दिल्ली में हस्ताक्षरित यह समझौता ज्ञापन देश भर के अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थानों के बीस संस्थानों के बीच सहयोग के लिए एक निकाय बनाने पर सहमति हुई है।
यह संघ संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, बहु-संस्थागत अध्ययनों, नैदानिक परीक्षणों, शोधकर्ताओं के आदान-प्रदान और ज्ञान एवं सर्वोत्तम प्रथाओं के व्यवस्थित आदान-प्रदान को सक्षम बनाएगा। अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली के निदेशक प्रो एम श्रीनिवास ने कहा, ‘इस सहयोगात्मक अनुसंधान संघ की स्थापना उच्च गुणवत्ता वाले, राष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह मंच आने वाले वर्षों में सहयोगात्मक अनुसंधान के एक प्रमुख प्रेरक के रूप में विकसित होगा। बैठक में नई दिल्ली एम्स के अलावा, बठिंडा, भोपाल, भुवनेश्वर, बीबीनगर, बिलासपुर, देवघर, गोरखपुर, गुवाहाटी, जम्मू, जोधपुर, कल्याणी मदुरल, मंगलगिरि, नागपुर, पटना, रायबरेली, रायपुर, राजकोट, और ऋषिकेश के एम्स निदेशक या उनका प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए।