आर्थिक समीक्षा में पोषक आहार को लेकर अधिक जागरुकता पर जोर
नई दिल्ली, 29 जनवरी। संसद में गुरुवार को पेश की गई आर्थिक समीक्षा 2025-26 में कहा गया है कि आहार में सुधार को सार्वजनिक स्वास्थ्य की प्राथमिकता माना जाना चाहिए और गैर-संक्रामक रोगों (एनसीडी) की रोकथाम की कोशिशों में इसकी खास जगह होनी चाहिए।
आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि एनर्जी पेय, पोषाहार पेय, तनाव कम करने वाले आहार और वजन कम करने वाले पेय, जिन्हें स्वास्थ्य ‘सप्लीमेंट या न्यूट्रास्यूटिकल्स’ के नाम से जाना जाता है, वे क्लिनिकल तरीके से विधिमान्य पद्धति के समान नहीं हैं, और उपभोक्ताओं में जागरूकता लाने की जरूरत है ताकि वे सोच-समझकर फैसला कर सकें। आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि पोषण की कमी की वजह से बढ़ती जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां, कैंसर का बढ़ता बोझ, एंटीबायोटिक प्रतिरोध में बढ़ोतरी और सामान्य रोग प्रतिरक्षा स्तर में गिरावट जैसी चिंताएं बढ़ गई हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश आर्थिक समीक्षा में कई जरूरी बिंदुओं पर जनता का ध्यान खींचा गया है।