संवैधानिक दायित्वों में भी कोश्यारी ने विनम्रता के साथ लोकतांत्रिक मर्यादाओं को सुदृढ़ किया
देहरादून। उत्तराखंड राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एव भारत सरकार के पूर्व मंत्री केन्द्रीय मानव संसाधन विकास डॉक्टर रमेश पोखरियाल “निशंक” ने कहा की लोकतांत्रिक यात्रा में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जिनकी सादगी, धैर्य और संवैधानिक मर्यादा इतिहास में स्थायी स्थान बना लेती है। आज महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी से भेंट कर उन्हें प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मान से अलंकृत किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उत्तराखण्ड राज्य निर्माण से लेकर उनके मुख्यमंत्री काल तक उन्हें निकट से देखने और उनके साथ कार्य करने का अवसर प्राप्त होना सौभाग्य का विषय रहा। उनकी शांत मुस्कान, तार्किक दृष्टि, संगठनात्मक अनुशासन और पर्वतीय मूल्यों के प्रति गहरा लगाव आज भी स्मृतियों में सजीव है। बाद के संवैधानिक दायित्वों में भी उन्होंने विनम्रता और संतुलन के साथ लोकतांत्रिक मर्यादाओं को सुदृढ़ किया। आज जब राष्ट्र उनका सम्मान कर रहा है, तो यह केवल एक वरिष्ठ नेता का नहीं, बल्कि उन पर्वतीय संस्कारों और मूल्य-व्यवस्थाओं का सम्मान है जिन्होंने उत्तराखण्ड के स्वाभिमान और भारत के लोकतांत्रिक चरित्र को निरंतर बल दिया है। इस सम्मान से राज्य का मान और सम्मान और भी बढ़ा है।