देहरादून। ग्राफिक एरा सिल्वर जुबली कन्वेंशन सेंटर, ग्राफिक एरा डीम्ड विश्वविद्यालय में आयोजित आठवाँ ज्योतिष महाकुंभ सनातन ज्ञान, विज्ञान और राष्ट्रचेतना का एक दिव्य एवं प्रेरणादायक संगम बना।
इस भव्य आयोजन के उद्घाटन सत्र में परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री माननीय श्री पुष्कर सिंह धामी जी की गरिमामयी उपस्थिति सभी के लिए गौरवपूर्ण क्षण रही। पूज्य स्वामी जी ने कहा-“ज्योतिष सनातन की एक विधा है, अंधविश्वास नहीं बल्कि आत्मविश्वास जगाने वाली विद्या है। यह विज्ञान का विरोधी नहीं, बल्कि ज्ञान का सहयोगी है।”
उन्होंने ‘वेदस्य नेत्रं ज्योतिषम्’ का स्मरण कराते हुए ज्योतिष को कर्म, काल और चेतना से जोड़ने वाली दिव्य परंपरा बताया। मुख्यमंत्री ने ज्योतिष को भारत की प्राचीन वैज्ञानिक धरोहर बताते हुए समाज को दिशा देने वाली विद्या कहा। कार्यक्रम में श्री चक्र सम्मान, ज्योतिष तपस्वी सम्मान एवं लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से देशभर के ज्योतिषाचार्यों को सम्मानित किया गया। साथ ही राष्ट्रीय बालिका दिवस एवं विश्व शिक्षा दिवस की शुभकामनाएँ भी दी गईं।