देहरादून: विभिन्न जनमुद्दों जिनमें अंकिता भण्डारी हत्याकांड में वीआईपी की गिरफ्तारी, एंगिल चकमा को न्याय देने, बिगड़ती कानून व्यवस्था को ठीक करने, उत्तराखण्ड आन्दोलन के छूटे हुये आन्दोलनकारियों के चिन्हीकरण, राज्य में भू माफियाओं पर अंकुश लगाने के की मांग को लेकर (9 जनवरी) जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया गया।
ज्ञापन उपजिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वासिंह ने लिया और आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। एक अन्य ज्ञापन दीप्ति बिष्ट पर हमलावारों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर जिलाधिकारी एवं बरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को ज्ञापन दिया।
प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा अंकिता भण्डारी हत्याकांड में वीआईपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने, नस्लीय हिंसा के शिकार हुऐ त्रिपुरा के छात्र एंगिल चकमा में समुचित न्याय सुनिश्चित करने के लिये, राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था के परिणामस्वरूप आमजन को हो रही दिक्कतें तथा राज्य में भूमाफियाओं पर अंकुश लगाने तथा बाहरी तत्वों द्वारा राज्य के संसाधनों पर किये जा रहे कब्जे पर अंकुश लगाने की मांग करते हैं।
वक्ताओं ने कहा है कि छूटे हुऐ उत्तराखण्ड आन्दोलनकारियों की चिन्हीकरण की प्रक्रिया तेज की जाये वक्ताओं ने कहा कि कुछ साम्प्रदायिक तत्वों द्वारा जगह जगह अल्पसंख्यकों के परिवारों को निशाना बनाये जाने वालों तत्वों पर सख्ती से अंकुश लगाने की मांग की है। दीप्ति बिष्ट पर हमला करने वालों को गिरफ्तार करें। प्रदर्शन में थाना रायपुर देहरादून के अन्तर्गत सामाजिक कार्यकत्री श्रीमती दीप्ति बिष्ट निवासी उत्तरा एन्क्लेव नेहरू ग्राम देहरादून के घर पर 9 जनवरी रात्रि 10:00 बजे पड़ोस में रहने वाली सीमा धीमान व उसके जानने वाले लगभग 40 रिश्तेदारों के द्वारा भारी पथराव किया गया था। जिसकी वजह से उनके आंखों में चोट के कारण टांके आ गए और परिजन भी घायल हो गए। इस आशय की रिपोर्ट रायपुर पुलिस को देने के बावजूद एफआईआर तो हो गई लेकिन समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज न होने की वजह से आज तक भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। परिणामस्वरूप पीड़िता व उसके परिवार को आरोपियों से जानमाल का खतरा बना हुआ है। प्रदर्शन में वक्ताओं ने इस संदर्भ में समुचित धाराऐं जोड़ते हुऐ आरोपियों को गिरफ्तार कर तथा पीड़ित परिवार की जान माल सुरक्षा हेतु आवश्यक कार्यवाही का कष्ट करें।