देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने वाले गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से एक फर्जी शस्त्र लाइसेंस, एक अवैध सैमी ऑटोमैटिक पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। एसटीएफ की इस कार्रवाई में उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड तक फैले अंतर्राज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। गैंगस्टर और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत शुक्रवार को यह कार्रवाई की गई। पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ डॉ. नीलेश आनन्द भरणे के निर्देशन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में पुलिस उपाधीक्षक आर.बी. चमोला के पर्यवेक्षण में एसटीएफ टीम गठित की गई थी। एसटीएफ को जानकारी मिली थी कि कुछ लोग बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाकर उन्हें उत्तराखंड की शस्त्र पंजिका में दर्ज करा रहे हैं। सूचना के आधार पर एसटीएफ की एक विशेष टीम गठित की गई और जांच शुरू की गई। जांच के दौरान यह सामने आया कि एक शस्त्र लाइसेंस को सिरसा से मेरठ और फिर देहरादून स्थानांतरित दिखाया गया है। जब सिरसा जिलाधिकारी कार्यालय से जानकारी ली गई तो पता चला कि यह लाइसेंस वहां से कभी जारी ही नहीं किया गया था। इसके बाद एसटीएफ टीम ने कार्रवाई करते हुए मनोज सिंह को थाना प्रेमनगर क्षेत्र के केहरी गांव से गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ थाना प्रेमनगर देहरादून में धोखाधड़ी, जालसाजी और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।