नई दिल्ली: नववर्ष के पहले कार्य दिवस के अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय में संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने नववर्ष की शुभकामनाएं देने के साथ-साथ बीते वर्ष में डीयू की उपलब्धियां भी गिनवाई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि डीयू की कार्यशैली अलग है। यहां विभिन्न प्रकार के शैक्षणिक प्रोग्राम हैं और इसकी संरचना भी अन्य विश्वविद्यालयों के अलग है। कुलपति ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय जैसा कोई और विश्वविद्यालय दुनिया में नहीं है।
कुलपति ने कहा कि आज का दिन हमारे पास 365 खाली पृष्ठों वाली एक पुस्तक और हाथ में एक पेन के साथ आया है। हम अपने विश्वविद्यालय में सकारात्मक बदलाव और भविष्य के लिए उम्मीद के लेखक हैं। हमने नए वर्ष को उपलब्धियों से भरना है। प्रो. योगेश सिंह ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2025 में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में डीयू ने अच्छी उपलब्धियां प्राप्त की हैं।

उन्होंने कहा कि अच्छी रैंकिंग टैलेंट, फंडिंग, पार्टनरशिप और रिसोर्स को खींचती है, जिससे ब्रांड की अच्छी रेप्युटेशन और ग्लोबल विज़िबिलिटी होती है। यह इंस्टीट्यूशनल क्वालिटी, रेप्युटेशन और परफॉर्मेंस का संकेत है जो भावी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालयों की तुलना करने, एकेडमिक एक्सीलेंस, रिसर्च आउटपुट और संभावित करियर मौकों पर फैसले लेने में मदद के लिए एक भरोसेमंद सोर्स के तौर पर काम करते हैं।
प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में डीयू ने अपना मजबूत वैश्विक स्थान बनाए रखा है। एम्प्लॉयमेंट आउटकम में पिछले साल के मुक़ाबले डीयू 14 स्थान ऊपर चढ़कर दुनिया में 30वें स्थान पर पहुँच गया है। इसके साथ ही भारत के संस्थानों में इस श्रेणी में डीयू पहले स्थान पर है, जबकि ओवरआल 7वें स्थान पर है। वैश्विक रैंकिंग में डीयू का रैंक 328 रहा है। ओवरआल स्कोर में डीयू 2025 के 33.8 से बढ़कर 2026 में 42.6 तक पहुँच गया है। एनआईआरएफ़ रैंकिंग पर बात करते हुए कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय श्रेणी में, डीयू इस बार छठे से पाँचवें स्थान पर पहुँच गया, जबकि शोध संस्थान श्रेणी में यह 14वें से 12वें स्थान पर पहुँच गया, जहाँ केवल आईआईटी और समर्पित शोध संस्थान ही डीयू से ऊपर रैंक कर पाए। उन्होंने बताया कि भारत के टॉप 10 कॉलेजों में डीयू के 6 कॉलेज शामिल हैं। एनआईआरएफ़ रैंकिंग में अच्छा प्रदर्शन करने वाले कालेजों को कुलपति द्वारा इस कार्यक्रम के दौरान सम्मानित भी किया गया।
इन उपलब्धियों के लिए कुलपति ने भारत सरकार सहित विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों का आभार जताते हुए सभी को हार्दिक बधाई भी दी। प्रो. योगेश सिंह ने वर्ष 2025 की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए वर्ष 2026 के लिए लक्ष्य निर्धारित करने पर भी जोर दिया। रजिस्ट्रार डॉ विकास गुप्ता ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यों का ब्योरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डीन ऑफ कॉलेजज प्रो. बलराम पाणी, दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी, एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो और रजिस्ट्रार डॉ विकास गुप्ता, विभिन्न फैकल्टीज़ के डीन, सेंटर्स/इंस्टीट्यूट्स के डायरेक्टर्स/ज्वाइंट/डिप्टी डायरेक्टर्स, डिपार्टमेंट्स के हेड, फंक्शनल डीन (ज्वाइंट/डिप्टी डीन सहित), चेयरपर्सन, कॉलेजों के प्रिंसिपल्स, एग्जीक्यूटिव काउंसिल, एकेडमिक काउंसिल और फाइनेंस कमेटी के सदस्य व विभिन्न विभागों के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
प्रमोशन और नियुक्तियों में डीयू ने पेश की मिसाल
कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि पिछले वर्षों में दिल्ली विश्वविद्यालय ने प्रमोशन और नियुक्तियों में भी मिसाल पेश की है। उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर 2025 तक विभिन्न कॉलेजों और विभागों में शैक्षणिक स्टाफ की 9115 प्रमोशन हो चुकी हैं। इसके अलावा 31 दिसंबर 2025 तक विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालय के विभागों में 5037 पदों पर शैक्षणिक नियुक्तियां हो चुकी हैं। गैर अकादमिक पदों पर भी 456 नियुक्तियां हो चुकी हैं।
2026 में डीयू को मिलेंगे कई नए भवन, जारी रहेगा नवनिर्माण का दौर
कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के लिये वर्ष 2025 काफी अच्छा रहा है और 2026 भी काफी अच्छा रहने वाला है। नए वर्ष में डीयू को वीर सावरकर कालेज मिल जाएगा। कई अकादमिक भवन तैयार हो जाएंगे। प्रत्येक स्थान पर सीसीटीवी कैमरा चालू होंगे। हॉस्टल और हेल्थ सेंटर की इमारतें भी तैयार हो जाएंगी। कुलपति ने बताया कि दो हजार करोड़ रुपए से अधिक के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं जिनमें से अधिकतर 2026 में पूर्ण हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि आईओई की नई बिल्डिंग, आईओई हॉस्टल, कंप्यूटर सैंटर की नई बिल्डिंग और लाईब्रेरी के विस्तार का कार्य जारी है। फैक्लटी ऑफ टैक्नॉलोजी, नए गर्लज़ हॉस्टल का निर्माण, विश्वविद्यालय के पूर्वी और पश्चिमी कैम्पस का निर्माण चल रहा है। नवीनीकरण के भी अधिकतर कार्य पूर्ण हो चुके हैं और जो जारी हैं, उनके इस वर्ष में पूर्ण होने की उम्मीद है।
अधिक पारदर्शी हुई दाखिला प्रक्रिया
कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि सीयूईटी के बाद डीयू में दाखिला प्रक्रिया अधिक पारदर्शी हुई है। उन्होंने बताया कि 2025 में सीयूईटी आधारित दाखिलों के समय कुल उपलब्ध 71642 सीटों के मुक़ाबले 72229 दाखिले हुए हैं। इस प्रकार 0.65% दाखिले अधिक हुए हैं। सीयूईटी से पहले जब दाखिले 12वीं कक्षा में मिले अंकों के आधार पर होते थे, तब भी कुछ सीटें खाली रह जाती थीं। कुलपति ने बताया कि पिछले वर्ष में कुछ नए शैक्षणिक प्रोग्राम भी शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में भी नए शैक्षणिक प्रोग्राम शुरू होंगे। दिल्ली विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर उड़िया स्टडीज़ बनाने को मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने आशा जताई कि केंद्र सरकार से इसके लिए नए वर्ष में ग्रांट और नियुक्तियों की मंजूरी मिल जाएगी।