By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Hindustan RahHindustan Rah
Aa
  • होम
  • >देश
    • राष्ट्रपति
    • प्रधानमंत्री
  • >दिल्ली
  • >उत्तराखण्ड
    • राज्यपाल
    • मुख्यमंत्री
    • देहरादून
    • हरिद्वार
    • पौड़ी गढ़वाल
    • रुद्रप्रयाग
    • चमोली
    • उत्तरकाशी
    • नैनीताल
    • अल्मोड़ा
    • टिहरी गढ़वाल
    • चंपावत
    • पिथौरागढ़
    • बागेश्वर
    • उधम सिंह नगर
  • >उत्तर प्रदेश
    • आगरा
    • मैनपुरी
  • >बिजनेस
  • >खेल
  • >मनोरंजन
  • >ज्योतिष
  • >धर्म
Reading: समर्थ पोर्टल का संचालन खुद करेंगे विश्वविद्यालयः डॉ. धन सिंह रावत शासन के पास सिर्फ पोर्टल की मॉनिटिरिंग की रहेगी जिम्मेदारी राजकीय विश्वविद्यालय मिलकर तय करेंगे अपना शैक्षणिक कैलेण्डर
Share
Hindustan RahHindustan Rah
Aa
Search
  • Home
    • Home 1
    • Home 2
    • Home 3
    • Home 4
    • Home 5
  • Categories
  • Bookmarks
  • More Foxiz
    • Sitemap
Follow US
  • Home
  • About
  • Contact
© 2023 Hindustan Rah. All Rights Reserved. | Develop by Digitally Bird
Hindustan Rah > Blog > Uncategorized > समर्थ पोर्टल का संचालन खुद करेंगे विश्वविद्यालयः डॉ. धन सिंह रावत शासन के पास सिर्फ पोर्टल की मॉनिटिरिंग की रहेगी जिम्मेदारी राजकीय विश्वविद्यालय मिलकर तय करेंगे अपना शैक्षणिक कैलेण्डर
Uncategorizedउत्तराखण्ड

समर्थ पोर्टल का संचालन खुद करेंगे विश्वविद्यालयः डॉ. धन सिंह रावत शासन के पास सिर्फ पोर्टल की मॉनिटिरिंग की रहेगी जिम्मेदारी राजकीय विश्वविद्यालय मिलकर तय करेंगे अपना शैक्षणिक कैलेण्डर

hindustanrah
Last updated: 2025/05/20 at 12:14 PM
hindustanrah
Share
SHARE

न्यूज़ सर्विस
देहरादून, 19 मई। सूबे में समर्थ पोर्टल का संचालन अब राजकीय विश्वविद्यालय खुद करेंगे। शासन स्तर पर सिर्फ पोर्टल की मॉनिटिरिंग की जायेगी। इस संबंध में विभागीय उच्चाधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। राजकीय विश्वविद्यालयों को समय पर वर्षिक शैक्षिक कैलेण्डर तैयार कर जारी करने को कहा गया है ताकि छात्र-छात्राएं समय पर स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश ले सकें। सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज विधानसभा स्थित सभाकक्ष में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने समर्थ पोर्टल के संचालन की जिम्मेदारी शासन से हटाकर राजकीय विश्वविद्यालयों को सौंपने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अब समर्थ पोर्टल का संचालन खुद करेंगे ताकि राजकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालय परिसरों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश से लेकर शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित की जा सके। डॉ. रावत ने कहा कि शासन का कार्य सिर्फ पोर्टल की मॉनिटिरिंग करना है न कि पोर्टल का संचालन। जिसके अंतर्गत शासन समर्थ पोर्टल को खोले जाने और बंद करने की तिथि निर्धारित करेगा। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष समर्थ पोर्टल को लेकर कई दिक्कते समाने आई, जिसे देखते हुये यह निर्णय लिया गया। बैठक में विभागीय मंत्री ने निदेशक उच्च शिक्षा को राजकीय महाविद्यालयों में प्राचार्यों के रिक्त पदों पर एक सप्ताह के भीतर डीपीसी कराने के निर्देश दिये, ताकि जिन महाविद्यालयों में प्राचार्य के पद रिक्त हैं वहां प्राचार्य भेजे जा सके। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न संकायों में असिस्टेंट प्रोफेसरों के रिक्त पदों की रिपोर्ट विषयवार तीन दिन के भीतर शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिये। बैठक में सचिव उच्च शिक्षा रणजीत सिन्हा, कुलपति श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय प्रो. एन.के. जोशी, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल, रूसा सलाहकार प्रो. के.डी. पुरोहित, उप सचिव उच्च शिक्षा ब्योमकेश दुबे, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा प्रो. ए.एस. उनियाल, उप निदेशक डॉ. दीपक पाण्डेय, शैलेन्द्र कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि एस.एस.जे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस.एस. बिष्ट एवं निदेशक उच्च शिक्षा प्रो. कमल किशोर पाण्डे ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक में डॉ. रावत ने राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को एक समान वार्षिक शैक्षिक कैलेण्डर जारी करने के निर्देश दिये। इसके लिये उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को आपस में समन्वय कर शैक्षणिक कैलेण्डर तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिये शैक्षिक कैलेण्डर जरूरी है ताकि महाविद्यालयों एवं विश्वविद्याल परिसरों में एक साथ प्रवेश, परीक्षा और परीक्षा परिणाम घोषित किये जा सके। उन्होंने शैक्षणिक कैलेण्डर में तमाम गतिविधियों को शामिल कर महाविद्यालयों में अनिवार्य रूप से 180 दिवस कक्षाएं संचालित करने व 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। इसके अलावा उन्होंने स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश के लिये प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी बैठक में दिये।

You Might Also Like

नाग्नि को रोकने के प्रयासों को शुरू किया: सुबोध उनियाल

विकसित उत्तराखंड की दिशा में मजबूत कदम : धामी

हर क्षेत्र में पुरूषों से आगे निकल चुकी हैं महिलायें : गणेश गोदियाल

शाह ने किया 1129.91 करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण

टिहरी झील बनेगी विश्व में पर्यटन-खेल का प्रमुख केंद्रः धामी

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
hindustanrah May 20, 2025 May 20, 2025
Share This Article
Facebook Twitter Pinterest Whatsapp Whatsapp LinkedIn Email Copy Link Print
Share
Previous Article विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025 को सफल बनाने के लिए उत्तराखंड पूरी तरह तैयार
Next Article जिला अस्पतालों में तैनात होंगे शत-प्रतिशत विशेषज्ञ चिकित्सक गैप एनालिसिस बैठक में विभगाय मंत्री ने दिये निर्देश
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा को ज्ञापन, वैश्विक दवा कंपनियों का एकाधिकार रोकने की अपील
दिल्ली
कॉफी विद वाइस-चांसलर: मिरांडा हाउस की छात्राओं से संवाद
दिल्ली
प्रधानमंत्री आवास योजना: 900 करोड़ किया गया अंतरण
उत्तर प्रदेश
आरटीई प्रवेश 2026-27: तीसरे चरण के आवेदन शुरू
आगरा उत्तर प्रदेश

In the age of digital transformation, where information travels at lightning speed, Hindustan Rah has emerged as a leading newspaper agency, committed to delivering timely and accurate news to the people of India.

Quick Link

  • Home
  • About
  • Contact

विषय

  • अपराध
  • उत्तराखण्ड
  • खेल
  • जीवन शैली
  • ज्योतिष
  • भारत
  • बिजनेस
Hindustan RahHindustan Rah
Follow US
© 2023 Hindustan Rah. All Rights Reserved. | Develop by Digitally Bird
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?