न्यूज़ सर्विस
देहरादून, 03 जुलाई। सूबे के राजकीय मेडिकल कॉलेजों से पासआउट 234 गैरहाजिर बॉण्डधारी चिकित्सकों के विरूद्ध वसूली के
साथ ही बर्खास्तगी की कार्रवाई की जायेगी। साथ ही अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतने वाले इन चिकित्सकों की सूची नेशनल
मेडिकल काउंसिल को भी उपलब्ध कराई जायेगी। सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राज्य से
कम शुल्क में एमबीबीएस की पढ़ाई पूर्ण कर बाण्ड की शर्तों का उल्लंघन कर लम्बे समय से बिना सूचना के गैरहाजिर 234
चिकित्सकों के विरूद्ध बर्खास्तगी के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये हैं। डॉ. रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि
मेडिकल कॉलेजों के साथ हुये एक अनुबंध के अनुसार इन चिकित्सकों को एमबीबीएस की पढ़ाई पूर्ण होते ही स्वास्थ्य विभाग के
अंतर्गत सूबे के पर्वतीय जनपदों में तैनाती दी गई थी। जहां पर इनको न्यूनतम 5 वर्षों तक अपनी सेवाएं देना अनिवार्य था। ऐसा न
करने की स्थिति में इन चिकित्सकों को बाण्ड में निर्धारित धनराशि जमाकर एनओसी लेने के उपंरात राज्य से बाहर अथवा निजी
प्रैक्टिस की अनुमति दी जा सकती है। लेकिन प्रदेश के विभिन्न पर्वतीय जनपदों में तैनात करीब 234 चिकित्सक बिना अनुमति के
अपनी तैनाती स्थल से गैरहाजिर चल रहे हैं। जो कि बाण्ड की शर्तों के उल्लंघन के साथ ही अनुशासनहीनता की श्रेणी में भी आता है।
विभाग से प्राप्त सूचना के अनुसार जो चिकित्सक लम्बे समय से गैरहाजिर हैं उनमें से राजकीय दून मेडिकल कॉलेज से 56, हल्द्वानी
से 95 व श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से 83 पासआउट हैं। जिन्होंने एमबीबीएस में प्रवेश के समय उक्त कॉलेजों के साथ 5 साल पर्वतीय
क्षेत्रों में सेवाएं देने का अनुबंध किया हुआ है तथा संबंधित कॉलेजों में उक्त छात्रों की हैसियत संबंधी मूल दस्तावेज व चिकित्सा शैक्षिक
प्रमाण पत्र भी जमा हैं।
राज्य सरकार ने इस प्रकरण को काफी गम्भीर मानते हुये निदेशक चिकित्सा शिक्षा को गैरहाजिर सभी चिकित्सकों से बाण्ड की शर्तों
के अनुरूप बाण्ड की धनराशि वसूलने के निर्देश दिये हैं साथ ही महानिदेशक स्वास्थ्य को इन लापरवाह चिकित्सकों की बर्खास्तगी की
कार्रवाई करने को कहा गया है। इस संबंध में सचिव स्वास्थ्य को निर्देशित किया गया है कि उक्त चिकित्सकों की तैनाती वाले जनपदों
के मुख्य चिकित्साधिकारी एवं संबंधित चिकित्सालय के प्रभारी अधिकारी से भी स्पष्टीकरण मांगा जाय। आखिरकार किन
परिस्थितियों में संबंधित जनपद के अधिकारियों द्वारा आतिथि तक अपने दायित्वों के प्रति लापरवाह एवं गैरहाजिर इन चिकित्सकों
के विरूद्ध कार्रवाई प्रारम्भ क्यों नहीं की गई। विभागीय मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सीधे तौर पर जनता से जुड़ा हुआ महकमा
है, लिहाजा विभाग में कार्यरत चिकित्सकों, अधिकारियों एवं कार्मिकों को अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुये कर्तव्यों का पालन
करना जरूरी है। किसी भी कार्मिक द्वारा यदि अपने कार्यां एवं दायित्वों में लापरवाही बरती जाती है तो उसको किसी भी कीमत पर
बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
गैरहाजिर बॉन्डेड चिकित्सकों का जनपदवार विवरण
1. टिहरी गढ़वाल- 29
2. उत्तरकाशी- 25
3. रुद्रप्रयाग- 14
4. बागेश्वर- 10
5. पिथौरागढ़- 25
6. पौड़ी गढ़वाल- 26
7. अल्मोड़ा – 16
8. चमोली- 46
9. चम्पावत- 11
10. नैनीताल- 41
11. देहरादून- 01
ज्योति अब ज्वाला बनेगी : डॉ चिन्मय पण्ड्या
गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में आयोजित हुई वर्चुअल बैठक
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
हरिद्वार 3 जुलाई। गायत्री परिवार की संस्थापिका माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी एवं सिद्ध अखण्ड दीप की शताब्दी वर्ष
2026 के आयोजन हेतु गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में युवा आइकान डॉ चिन्मय
पण्ड्या, व्यवस्थापक श्री योगेन्द्र गिरि सहित देशभर से चयनित वरिष्ठ गायत्री परिजनों ने भाग लिया। इस आयोजन का उद्देश्य
मानवता को सेवा, साधना, संस्कार और आत्मिक चेतना से जोड़ते हुए वैश्विक स्तर पर एक सकारात्मक परिवर्तन की अलख जगाना
है। बैठक की अध्यक्षता कर रहे देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति युवा आइकॉन डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने बताया कि शताब्दी वर्ष
पूरे उत्साह के साथ मनाया जायेगा। ज्योति अब ज्वाला बनेगी, इसके प्रकाश पुंज से पूरी मानवता को प्रकाशित की जानी है। यह
शताब्दी वर्ष केवल उत्सव नहीं, बल्कि युग निर्माण की चेतना को पुनः जाग्रत करने का सशक्त अवसर है। परम वंदनीया माताजी के
तप, त्याग व सेवा तथा सिद्ध अखण्ड दीपक से प्रेरणा प्रकाश लेकर हम समाज में सकारात्मक परिवर्तन के संवाहक बनें। गायत्री
परिवार का यह शताब्दी आयोजन वैश्विक स्तर पर जनमानस को आत्मिक चेतना, सेवा, साधना और संस्कारों से जोड़ने वाला होगा।
युवा आइकॉन डॉ. पण्ड्या ने कहा कि शताब्दी वर्ष के अंतर्गत हरिद्वार में दो प्रमुख आयोजन होंगे-पहला आगामी जनवरी माह में तथा
दूसरा नवंबर 2026 में। बैठक में आयोजन की रूपरेखा तथा राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय सहभागिता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
व्यवस्थापक श्री योगेन्द्र गिरि ने कहा कि जन्मशताब्दी वर्ष के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रमों की स्वरूप की विस्तृत जानकारी दी। केन्द्रीय
जोनल समन्वयक डॉ ओपी शर्मा ने गायत्री परिवार के करोड़ों परिजनों द्वारा निभाये जाने वाले उत्तरदायित्वों पर प्रकाश डाला।इससे
पूर्व शांतिकुंज में शताब्दी कार्यालय का शुभारंभ भी किया गया। साथ ही अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुखद्वय श्रद्धेय डॉ. प्रणव
पण्ड्या एवं श्रद्धेया शैलदीदी के मार्गदर्शन में एक उच्च स्तरीय केंद्रीय टीम का गठन किया गया है, जो शताब्दी आयोजन की योजना,
समन्वय एवं क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेगी। इस अवसर पर श्री श्याम बिहारी दुबे, श्री परमानंद द्विवेदी, केन्द्रीय जोन
समन्वयक सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
गजब हालः पहले कार बेची और बाद में खुद ही चोरी करवा ली कार
देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य के राजधानी देहरादून के कैंट क्षेत्र में एक अजीबो गरीब घटना सामे आयी है। आरोप है कि एक कार
स्वामी ने पहले कार बेची और बाद में खुद ही दूसरी चाबी से कार चोरी करवा ली। इस मामलेमेंकैट कोतवाली पुलिस ने कार के पूर्व
मालिक समेत दो लोगों के विरूद्व मुकदमा दर्ज कर लिया हे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अभिषेक कुमार निवासी ग्राम फिराहेडी थाना गगलहेडी सहारनपुर ने कैंट थाना पुलिस को लिखित तहरीर
देते हुए बताया कि 22जून को वह अपनी लाल रंग की स्विफट कार संख्या यूके 07एफ क्यू- 7316 परीक्षा देने के लिए निबूवाला
स्थित डीडी कालेज में आया हुआ था। उसके साथ उसके दोस्त सुमित और शहरूख भी आए हुए थे। वह अपनी परीक्षा देने चला गया।
जबकि उसके दोस्त खाना खाने के लिए चले गए। जब वह खाना खाने के बाद लौटे तो उनकी कार मौके से गायब थी। परीक्षा समाप्त
होने के बाद जब वह लौटा तेा उसके दोस्तो ने उसे कार चोरी होने की जानकारी दी। उसने पुलिस को बताया कि चोरी हुयी कार
उसके पिता के परिचित मनोज ने दिलायी थी। जब मनोज से बात की गयी तो उसे पता चला कि कार का पुराना मालिक राहुल
मित्तल था। राहुल मित्तल से जब फोन से संपर्क किया तो उसने बताया कि कार को नाजिर लेकर गया है। जल्द ही वह कार के तीन
लाख रूपये लौटा देगा। अभिषेक कुमार ने पुलिस को बताया कि कार का सेल लेटर और रजिस्ट्रेशन भी राहुल मित्तल ने उपलब्ध
कराया था और तीन माह से कार उसके पास थी। उक्त वाहन के संदर्भ में नाजिर का कोई फोन व मैसेज उन्हें नही आया जिससे प्रतीत
होता है कि वाहन स्वामी व राहुल मित्तल द्वारा मिली भगत कर उनसे तीन लाख रूपये हडप लिए हैं। पीडित ने पुलिस से कहा कि वह
लोग नाजिर को नही जानते हैंं। उनके साथ जो धोखाधडी हुयी है उस संबंध में कार्यवाही की जानी आवश्यक है। पुलिस ने प्राप्त
तहरीर के आधार पर आरोपी राहुल मित्तल व नाजिर के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 0096@2025 धारा भारतीय न्याय
संहिता (बीएनएस) 2023 धारा 316 (2), 318 (4) व 61 (2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। तहरीर में यह भी बताया गया कि
कार के अंदर एक पर्स और दसवीं की मार्कशीट आदि सामान था। कैंट कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक केसी भट्ट ने जानकारी देते हुए
बताया कि अभिषेक कुमार के द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर आरोपित राहुल मित्तल और नाजिर के विरूद्व मुकदमा दर्ज कर
लिया गया है। कार के अंदर उसके भाई सुमित का पर्स जिसमें 5000 रूपये व सैमसेंग के टैब व दसवीं की मार्कशीट भी थी।
वही दूसरी ओर यह भी जानकारी मिली है कि राहुल मित्तल के खिलाफ पूर्व में भी एक केस विचाराधीन है। सर्राफा कारोबारी ने
24.72 लाख रूपये के गहने लेकर उनका भुगतान नही करने के आरोप में शहर कोतवाली मे केस दर्ज कराया हुआ है जो वर्तमान समय
में माननीय न्यायालय में विचाराधीन है। मोती बाजार स्थित शांभवी ज्वैलर्स के मालिक विकास रस्तोगी की तरफ से उक्त केस दर्ज
किया गया है। आरोप है कि वर्ष 2019 में एडवोकेट नरेश मित्तल उनकी दुकान पर आए। उन्होने खुद को वरिष्ठ अधिवक्ता बताया और
कहा कि उनका बेटा राहुल मित्तल दुकान पर आए तो उसे गहने उपलब्ध करा दे वह भुगतान कर देंगे। विकास रस्तोगी के अनुसार
पहले सोने के टॉपस, अंगुठी और चेन वह ले गए जिसका भुगतान करा दिया गया। आरोप है कि इसके बाद समय-समय पर 24.72
लाख रूपये के गहने लेकर उनका भुगतान नही किया गया। विकास रस्तोगी के अनुसार 12 दिसम्बर 2021 को राहुल मित्तल ने
24.72 लाख रूपये का चैक दिया जो उन्होने फरवरी 2022 में बैंक में लगाया तो पता चला कि चैक 2020 में बंद हो गया है। पुलिस
ने राहुल मित्तल एवं उसके पिता के विरूद्व धोखाधडी का मुकदमा दर्ज कर लिया।