देहरादून 10 फरवरी। केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर उत्तराखण्ड संयुक्त ट्रेड यूनियन संघर्ष समिति द्वारा 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल के सन्दर्भ में आज राजधानी देहरादून स्थित प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमे सीटू, इंटक, एटक व आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन, आंगनवाडी कार्यकत्री सेविका कर्मचारी यूनियन, भोजन माताकामगार यूनियन, ऑटो यूनियन, ड्राइवर कन्डक्टर यूनियन, निर्माण श्रमिक संघ, चाय बागान श्रमिक संघ, स्कूल कर्मचारी, संविदा श्रमिक संघ, बैंक कर्मचारी यूनियन, उत्तराखंड पाथ परिवहन निगम कर्मचारी यूनियन, बीमा फेडरेशन सहित अनेक यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर इंटक के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व केबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, सीटू के प्रांतीय महामंत्री राजेन्द्र सिंह नेगी, एटक के प्रांतीय महामंत्री अशोक शर्मा, सीटू के प्रांतीय सचिव लेखराज, बस्ती बचाओ आन्दोलन के संयोजक अनंत आकाश ने प्रेस को सम्बोधित किया। इस अवसर पर वक्ताओ ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा 2020 में जब दुनियां में करोना महामारी से त्राहि-त्राहि मची थी, तो ऐसे वक्त में विपक्ष के सांसदों को निलम्बित कर 44 श्रम कानूनों के स्थान पर श्रमिक विरोधी चार श्रम संहिताये बनाई गयी।
जिनको 21 नवम्बर 2025 को लागू करने की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गयी, इन श्रम सहिताओं के लागू होने से पूंजीपतियों द्वारा मजदूरों का शोषण बढ़ जयेगा। जिससे मजदूरों को गुलामी का जीवन जीने को मजबूर होना पड़ेगा, उसके सारे अधिकार समाप्त हो जायेंगे। इस लिए श्रम संहिताओ को समाप्त कर श्रम कानूनों को और अधिक प्रभावशाली बनाने व अन्य मांगों को लेकर उत्तराखंड में भी देशव्यापी हड़ताल को सफल किया जायेगा और भाजपा की सरकारों को श्रम संहिता, लागु कराने से रोकने का काम करेंगे।
वही बस्तियों को उजाड़ने के खिलाफ व मालिकाना हक़ देने हेतु एलिवेटेड रोड परियोजन रद्द करने को लेकर बस्तीवासी भी सचिवालय कूच में हिस्सेदारी करेंगे। उत्तराखण्ड संयुक्त ट्रेड यूनियन संघर्ष समिति 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी हड़ताल के अवसर पर गांधी पार्क से राज्य सचिवालय पर रैली निकाल कर प्रदर्शन करेंगे इस अवसर पर जिलधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा जायेगा।