नई दिल्ली, 26 मार्च। स्कूलों में मनोरंजक रील बनाने वाले छात्रों, शिक्षकों अधिकारियों की अब खैर नहीं है।
शिक्षा निदेशालय ने इस बाबत जारी एक परिपत्र में कहा कि उसे इस बात की जानकारी मिली है कि विद्यालय परिसर में मनोरंजन के लिए लघु वीडियो बनाए जा रहे हैं । दिल्ली सरकार ने अपने सभी विद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी विद्यालय समय के दौरान रील या लघु वीडियो न बनाएं। सरकार ने इस बात पर जोर दिया है कि ऐसी गतिविधियों से शैक्षणिक कार्य, अनुशासन या संस्थानों की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए। चेतावनी दी गई है कि निर्देशों के किसी भी उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा। हालांकि, विभाग ने यह भी कहा कि सक्षम प्राधिकारी की ‘पूर्व स्वीकृति’ और शिक्षक की देखरेख में केवल ‘शैक्षणिक या जागरूकता’ विषयों से संबंधित सामग्री बनाई जा सकती है। लेकिन किसी भी प्रकार की अनुचित, गैर-शैक्षणिक या प्रचार सामग्री रिकार्ड नहीं की जा सकती है। किसी भी उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निर्देश में इस बात पर बल दिया गया है कि शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को बाधित करने या विद्यार्थियों का ध्यान भटकाने वाली किसी भी गतिविधि पर रोक लगाई जानी चाहिए। संस्थानों की मर्यादा और गरिमा बनाए रखी जानी चाहिए और शिक्षा पर ही ध्यान केंद्रित रहना चाहिए।