हरिद्वार : राजा दक्ष की नगरी कनखल स्थित वैरागी कैंप में आयोजित होने जा रहे शताब्दी समारोह की विराट तैयारियों के क्रम में शुक्रवार को परिवहन विभाग, कैंटीन, फोटोग्राफी एवं महिला मंडल कैंप का शुभारंभ हुआ। शताब्दी समारोह के दलनायक डॉ. चिन्मय पंड्या तथा महिला मण्डल प्रमुख श्रीमती शैफाली पण्ड्या, व्यवस्थापक योगेन्द्र गिरि ने दीप प्रज्वलन कर किया। यह समारोह को अनुशासन, संवेदनशीलता, सेवा और सुव्यवस्थित संचालन की दिशा में एक सशक्त आधार प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण कदम है। शताब्दी समारोह जैसे विराट आयोजन में परिवहन व्यवस्था उसकी रीढ़ के समान है। परिवहन विभाग का गठन श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों, कार्यकर्ताओं एवं विशिष्ट अतिथियों की सुरक्षित, समयबद्ध और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। इसके माध्यम से विभिन्न शिविरों, पार्किंग स्थलों एवं कार्यक्रम स्थलों के बीच सुव्यवस्थित आवागमन, बुजुर्गों, महिलाओं एवं दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधा, आपात स्थितियों में त्वरित परिवहन सहयोग, जैसी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित होंगी। कैंटीन विभाग में स्वच्छता एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान, संतुलित, सुपाच्य और सात्विक भोजन, समयबद्ध वितरण व्यवस्था, सेवा भाव से कार्यरत स्वयंसेवक, यह विभाग केवल भोजन उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा को साधना के रूप में जीने का जीवंत उदाहरण बनेगा। वहीं शताब्दी समारोह के प्रत्येक क्षणों को सहेजने और भावी पीढ़ियों तक पहुँचाने का दायित्व फोटोग्राफी विभाग निभाएगा। इस विभाग के माध्यम कार्यक्रमों के महत्वपूर्ण क्षणों का दस्तावेजीकरण, सेवा, साधना और समर्पण की भावनाओं का दृश्य रूपांतरण, भविष्य के लिए ऐतिहासिक अभिलेखों का निर्माण, फोटोग्राफी विभाग शताब्दी समारोह की आत्मा को चित्रों और दृश्यों के माध्यम से अमर करेगा। इस अवसर पर शताब्दी समारोह के दलनायक डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि शताब्दी समारोह की विराटता केवल मंच और कार्यक्रमों से नहीं, बल्कि सुदृढ़ व्यवस्थाओं, समर्पित कार्यकर्ताओं और सेवा भाव से साकार होती है। परिवहन, कैंटीन, फोटोग्राफी एवं महिला मंडल जैसे विभाग आयोजन को अधिक अनुशासित, सुव्यवस्थित और गरिमामय बनाएंगे। श्रीमती शैफाली पण्ड्या ने महिला मंडल कैंप को नारी शक्ति के संगठन, सेवा, समन्वय और नेतृत्व का सशक्त केंद्र बताया। यह कैंप शताब्दी समारोह में महिलाओं की सक्रिय, सशक्त और गरिमामय सहभागिता को सुनिश्चित करेगा। यहां महिला स्वयंसेविकाओं का संगठित संचालन, सेवा, अनुशासन एवं समन्वय का सशक्त मॉडल, नारी नेतृत्व को प्रोत्साहन, संवेदनशील विषयों में विशेष सहयोग। यह कैंप पूज्य युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के नारी जागरण एवं समता के विचारों का सजीव स्वरूप बनेगा। आयोजन समिति का मानना है कि इन विभागों के शुभारंभ के साथ ही शताब्दी समारोह की तैयारियों को नई गति, मजबूती और दिशा होगी। यह परम पूज्य युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के युग निर्माण अभियान की मूल भावना, सेवा, सहयोग, संगठन और अनुशासन का सशक्त प्रतिबिंब है।