नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार
20 फरवरी को आरोप लगाया कि दिल्ली में भाजपा सरकार के एक साल पूरे होने के बावजूद कई वादे पूरे नहीं हुए हैं।
सरकार की पहली वर्षगांठ पर आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्ग को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। चुनाव से पहले महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करने का वादा पूरा नहीं किया गया है।
पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आश्वासन दिया था कि आठ मार्च, 2025 से दिल्ली की महिलाओं के खातों में हर महीने 2,500 रुपए जमा किए जाएंगे, कोई भी कदम नहीं उठाया गया है।”
श्री सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में इस साल समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का स्तर सबसे खराब रहा। उन्होंने दावा किया कि कुछ निजी स्कूलों ने फीस में 30 प्रतिशत या उससे अधिक की वृद्धि की है।
उन्होंने कहा, “अभिभावकों ने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया और शिकायत की कि फीस का भुगतान न होने के कारण छात्रों को परीक्षा देने से रोका जा रहा है।
उन्होंने कहा, “स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस बंद कर दिए गए हैं। हैप्पीनेस पाठ्यक्रम, उद्यमिता पाठ्यक्रम और आईआईटी-नीट कोचिंग सहायता जैसे कार्यक्रम कथित तौर पर रोक दिए गए हैं।
रोजगार के मुद्दे पर, सिसोदिया ने आरोप लगाया कि 1,000 से अधिक संविदा और अस्थायी कर्मचारियों ने अपनी नौकरी खो दी है। सिसोदिया ने दावा किया कि सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवाएं और जांच बंद कर दिए गए हैं और नए अस्पतालों का पहले शुरू किया गया निर्माण रोक दिया गया है।
नागरिक मुद्दों का हवाला देते हुए सिसोदिया ने कचरे के जमाव, ओवरफ्लो होते सीवरों, दूषित जल आपूर्ति और गड्ढों से भरी सड़कों का जिक्र किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लगभग आठ लाख लाभार्थियों के राशन कार्ड रद्द कर दिए गए हैं ।