नई दिल्ली: ‘विकसित भारत की नींव केवल ईंट और पत्थरों से नहीं, बल्कि सशक्त महिलाओं के आत्मविश्वास और कौशल से निर्मित होगी’ यह बात दिल्ली विधान सभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 25 फरवरी को दिल्ली विश्वविद्यालय के श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला महाविद्यालय के 57वें वार्षिक दिवस समारोह को बतौर मुख्य अतिथि कही।
इस अवसर पर कालेज के प्रबंध निकाय की अध्यक्ष प्रोफेसर सुदेशना मजुमदार, प्राचार्य प्रो. नीलम गोयल, विशिष्ट अतिथि लक्ष्मी पुरी (संयुक्त राष्ट्र की पूर्व सहायक महासचिव), आलोक ए डिमरी (अतिरिक्त सचिव, विदेश मंत्रालय) और संकाय सदस्य उपस्थित थे।
गुप्ता ने छात्राओं की शैक्षणिक यात्रा को ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण से जोड़ा। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत अपनी स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष की ओर बढ़ रहा है, अनुसंधान, शासन और नवीनताओं में महिलाओं की भागीदारी निर्णायक होगी। विधानसभा अध्यक्ष ने छात्राओं से व्यक्तिगत सफलता से आगे देखने और वैश्विक प्रभाव वाली भूमिकाओं के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
लचीलापन, सहानुभूति और जिम्मेदारी की भावना विकसित करके,गुप्ता ने छात्राओं को राष्ट्र की प्रगति का शिल्पकार बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया। समारोह का समापन पुरस्कार वितरण के साथ हुआ, जिसमें श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला महाविद्यालय की शैक्षणिक विशिष्टता और उद्देश्य का उत्सव मनाया गया।