नई दिल्ली, 9 अप्रैल। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने गुरुवार को भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय शोध सम्मेलन ‘एसएसआइ मल्टीस्पेशल्टी रोबोटिक सर्जरी कान्फ्रेंस का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में उन्नत तकनीकों को आम जनता तक सस्ती और सुलभ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने ‘रोबोटिक व ड्रोन चिकित्सा प्रणाली’ का अवलोकन किया, जिसे ‘प्रोजेक्ट ओपेरियन’ नाम दिया गया है।
यह तकनीक विशेष रूप से युद्ध और आपदा की परिस्थितियों में सीमावर्ती और दूरदराज क्षेत्रों में त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित की जा रही है। हृदय रोग विशेषज्ञ डाक्टर सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि इस तकनीक से युद्ध के समय घायल सैनिकों के इलाज में लगने वाला समय काफी कम किया जा सकता है। ड्रोन और रोबोट की मदद से दूर बैठे चिकित्सक एक साथ कई सर्जरी कर सकेंगे, जिससे आपात स्थितियों में जीवन बचाने की संभावना बढ़ेगी।
स्वास्थ्य तकनीक और रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “थर्ड ग्लोबल एसएसआइ मल्टीस्पेशल्टी रोबोटिक सर्जरी कॉन्फ्रेंस ” का आयोजन 9 से 11 अप्रैल तक दिल्ली में हो रहा है। सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कई चिकित्सकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार’ से सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञ डाक्टर संजय महेश्वरी ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने यह भी कहा कि रोबोटिक सर्जरी के लिए अत्यधिक महंगे ढांचे या पांच सितारा सुविधाओं की अनिवार्यता नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे व्यावहारिक और सुलभ बनाना जरूरी है ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीज इसका लाभ उठा सकें। इस सम्मेलन में रोबोटिक सर्जरी सिस्टम, टेली-सर्जरी तकनीक और मोबाइल सर्जिकल प्लेटफॉर्म जैसी आधुनिक स्वास्थ्य तकनीकों को भी प्रदर्शित किया गया।