आगरा: मण्डलायुक्त श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह जी की अध्यक्षता में आज सोमवार को आगरा मण्डल के कर करेत्तर के कार्यों एवं राजस्व वाद निस्तारण की ऑनलाइन मण्डलीय समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। वाणिज्य कर में मथुरा जनपद की प्रगति धीमी रही, वसूली पर ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए, साथ ही फिरोजाबाद भी प्रगति में सुधार लाये।
स्टाम्प व रजिस्ट्रेशन में आगरा में सबसे ज्यादा आरसी शेष होने के कारण निर्देश दिए कि वसूली में तेजी लाई जाए वहीं अन्य जिलों में भी क्रमिक वसूली प्रगति बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। परिवहन मद में आगरा जबकि विद्युत मद में आगरा और फिरोजाबाद की वसूली अच्छी रही। मैनपुरी और मथुरा की वसूली प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए। खनिज मद में फिरोजाबाद में वसूली बढ़ाने की जरूरत है। इस माह में ओवरऑल क्रमिक वसूली में सभी जिलों की प्रगति लगभग अच्छी रही, हालांकि आगरा में प्रगति बढ़ाने एवं मांग की अपेक्षाकृत ज्यादा से ज्यादा वसूली किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना में निर्देश दिए कि आगरा में लंबित प्रकरण ज्यादा होने पर निस्तारण में तेजी लाई जाए। ई परवाना की लगातार माॅनीटरिंग होती रहे। अंश निर्धारण में चारों जिलों में विगत माह से कोई प्रगति नहीं हुई, सुधार लाने के निर्देश दिए। वहीं अंश निर्धारण में त्रुटि सुधार के अवशेष प्रकरणों के निस्तारण मथुर और मैनपुरी में सबसे कम हुए। निर्देश दिए गये कि 15 दिन से अधिक लंबित एवं कुल अवशेष प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किए जाएं। स्वामित्व योजना की माॅनीटरिंग करने की जरूरत है।
राजस्व वादों के निस्तारण की समीक्षा की गयी। प्रदेश की रैकिंग में मैनपुरी तीसरे, आगरा 10वें, फिरोजाबाद 25वें और मथुरा 24वें स्थान पर रहा। निर्देश दिए गये कि मण्डल के सभी राजस्व न्यायालयों में निस्तारण का प्रतिशत 97 से कम न रहे। ज्यादा से ज्यादा सुनवाई कर वाद निस्तारण के प्रतिशत में वृद्धि की जाए। खासतौर पर मैनपुरी में 3 व 5 वर्ष से उपर लंबित वादों का निस्तारण किया जाए।
विभिन्न धाराओं के निस्तारण कार्यों के सम्बन्ध में आयुक्त महोदय द्वारा निर्देश दिए गये कि धारा 24 में फिरोजाबाद में 3 वर्ष से उपर लंबित सभी वादों का निस्तारण किया जाए। धारा 34 में तहसीलदार और नायाब तहसीलदारों को 3 वर्ष से अधिक लंबित वादों का निस्तारण किया जाए। धारा 38(2) में 1 वर्ष से अधिक लंबित सभी वादों का निस्तारण किया जाए। धारा 67 में आगरा और मथुरा में लंबित वादों का निस्तारण कर रैकिंग में सुधार लाया जाए। धारा 98 में नियमित समीक्षा पर ध्यान दिया जाए। धारा 116 में लंबित वादों की संख्या ज्यादा होने पर लेखपालों के माध्यम से पूर्ण जानकारी के साथ रिपोर्ट लगाये जाने के निर्देश दिए जिससे वादों का सही व त्वरित निस्तारण हो सके।
राजस्व वादों की विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत प्रचलित वादों के निस्तारण विवरण की जनपदवार समीक्षा की गयी। विगत माह की अपेक्षा मैनपुरी को छोड़कर अन्य जिलों में अपर जिलाधिकारियों के राजस्व न्यायलयों में वादों का निस्तारण कम किया गया। निर्देश दिए कि नियमित सुनवाई की जाए और 3 व 5 वर्ष से उपर के लंबित वादों का प्रमुखता से निस्तारण किया जाए। कम्प्यूटरकृत प्रबंधन प्रणाली पोर्टल पर सभी वादों की प्रविष्टि अपडेट की जाए। अवर न्यायलयों को प्रेषित मांग में अपर आयुक्त न्यायालय आगरा और फिरोजाबाद में ज्यादा लंबित होने पर आयुक्त महोदय द्वारा नाराजगी व्यक्त की गयी। मांग सूची के अनुसार अपर आयुक्त प्रशासन/न्यायिक तथा आयुक्त न्यायालय से सम्बन्धित पत्रावलियां उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए गये। आइजीआरएस प्रकरणों का भी गुणवत्तापूर्ण व त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए।