देहरादून : दूल्हा बाजार में हुई युवती की नृशंस हत्याकांड को लेकर एसआईटी ने तीन दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल कर दी है। एसआईटी ने मामले में 35 गवाहों को शामिल किया है।
युवती की नृशंस हत्या में अल्प समय में एसआईटी द्वारा अभियुक्त को चार्जशीट किया गया। चार्जशीट में 35 गवाहों को सम्मिलित किया गया है। न्याय के द्वार पर फास्ट ट्रैक में केस ट्रायल के लिए देहरादून पुलिस पैरवी करेगी। नृशंस हत्याकांड पर त्वरित कार्यवाही के लिए एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने एसआईटी गठित की थी। एसएसपी देहरादून अजय सिंह का कहना (05 फरवरी) हैं की जघन्य हत्याकांड को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी में कोर्ट में जिरह कर कठोरतम सजा के लिए पैरवी की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत 02 फरवरी को कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत हुई युवती की हत्या में पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना में शामिल अभियुक्त आकाश पुत्र कोमल राम निवासी 46 मन्नू गंज खुडबुडा मौहल्ला कोतवाली नगर देहरादून को गिरफ्तार करते हुए माननीय न्यायालय में पेश कर जिला कारागार में न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। प्रकरण की संवेदनशीलता के दृष्टिगत अभियोग की गहन विवेचना तथा घटना से जुडे भौतिक, इलेक्ट्रानिक व अन्य साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से तत्काल संकलन कर अभियुक्त के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही हेतु एसएसपी देहरादून अजय सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक नगर के पर्यवेक्षण में एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी द्वारा अभियोग में त्वरित कार्यवाही करते हुए घटनास्थल व उसके आस-पास के सीसीटीवी फुटेजों का अवलोकन कर, घटनास्थल पर फारेंसिक टीम को बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्यों का संकलन किया गया। साथ ही अभियुक्त द्वारा घटना में प्रयुक्त स्कूटी को कब्जे में लेते हुए अभियुक्त के आने व जाने वाले रूट का चार्ट बनाया गया तथा घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद गवाहों व घटना से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण गवाहों के तत्काल बयान अंकित किये गये। इसके अतिरिक्त अभियुक्त द्वारा घटना में प्रयुक्त चापड, घटना के समय अभियुक्त द्वारा पहने गये कपड़ो, जूतों तथा हेलमेट को, जिसमे मृतका का खून लगा था व मृतका के कपड़ो को परिक्षण हेतु विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जायेगा। घटना की संवेदनशीलता के दृष्टिगत मृतका का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डाक्टरों के पैनल के माध्यम से करवाया गया, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चश्मदीदों के बयानों, घटना स्थल से प्राप्त किये गये भौतिक, फारेंसिक साक्ष्यों को ई-साक्ष्य के माध्यम से विवेचना में समावेश करते हुए मात्र 03 दिनों में एसआईटी द्वारा लगातार विवचनात्मक कार्यवाही पूर्ण कर 35 गवाहों को सम्मिलित करते हुए अभियुक्त के विरूद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया जा रहा है। उक्त जघन्य हत्याकांड की ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी में कोर्ट में जिरह करते हुए अभियुक्त को कठोरतम सजा के लिए न्यायालय में पैरवी की जाएगी।