नई दिल्ली, 6 फरवरी। प्रगतिशील महिला संगठन लॉयर्स इकाई की तरफ से तीस हजारी कोर्ट में महिला वकीलों का मांग पत्र जारी किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में प्रगतिशील महिला संगठन की महिला वकील सदस्यों के साथ-साथ आम वकील भी उपस्थित थे। प्रगतिशील महिला संगठन ने अपने इस मांग पत्र के माध्यम से महिला वकीलों के लिए समान अवसरों और काम तथा आय के गरिमा पूर्ण अवसरों को सुनिश्चित करने की मांग की है
प्रगतिशील महिला संगठन ने अपने मांग पत्र में यह उल्लेख किया है कि महिला वकील चाहे नई इनरोल हुई हो या फिर कई वर्षों पूर्व इनरोल हो गई हो उनके सामने आय और काम दोनों के ही अवसर सुनिश्चितता नहीं है। यूं तो विधि का पेश ही इस प्रकार का है जिसमें आय तथा काम दोनों की सुनिश्चितता नहीं है परंतु महिला वकीलों के लिए स्थिति महिलाओं के समाज में दोहरे दर्जे के कारण और गंभीर हो जाती है।
उन्हें अपनी बौद्धिक क्षमता के पूर्ण उपयोग के अवसर नहीं प्राप्त होते हैं और इसके लिए राज्य द्वारा ठोस नीतियों को बनाने की जरूरत है जिससे महिला वकीलों को आय एवं काम दोनों के सुनिश्चितता हो सके।
मांग पत्र में मातृत्व के दौरान संरक्षण ,कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न से बचाव ,मेंटरशिप पेनल की स्थापना की मांग की है।