नई दिल्ली, 10 अप्रैल। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय में शुक्रवार को हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई। फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने की।
इस अवसर डीयू दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी, एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो और रजिस्ट्रार डॉ विकास गुप्ता सहित अनेकों प्रिंसिपल, शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वयं भी हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लिया एवं सभी महिलाओं को इसमें हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर छात्राओं ने ‘अब नेतृत्व की बारी है – नारी शक्ति वंदन की जिम्मेदारी है’ के ज़ोरदार नारे भी लगाए।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश को चलाने में महिलाओं की बड़ी भूमिका होनी चाहिए। जब महिलाएं आगे बढ़कर आएंगी तब जाकर आपके द्वारा सिस्टम में परिवर्तन लाना संभाव होगा। रेखा गुप्ता ने इस अधिनियम को लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुआ कहा कि इस बिल के पारित होने से महिलाओं को विधान सभाओं और संसद में उचित प्रीतिनिधित्व मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ से बेटी पढ़ाओ और बेटी बढ़ाओ तक का ये सफर हमारी आने वाली पीढ़ियों को उन समस्याओं के समाधान की ताकत देगा, जिनका हमने सामना किया है। इस बिल के लागू होने से महिलाएं मेज के उस पार से इस पार आएंगी। गुप्ता ने कहा कि हम सबको मिलकर इस अधिनियम के समर्थन में अपने विचार रखने हैं, यह नारी शक्ति के लिए बहुत बड़ा निर्णय होगा। लोकसभा और विधानसभाओं में 33 फीसद प्रतिनिधित्व की दिशा में यह कदम देश की बेटियों को नई ताकत देगा।