नई दिल्ली, 23 मार्च। दिल्ली में प्रतिदिन करीब 11,862 टन ठोस कचरा निकल रहा है, जबकि राष्ट्रीय राजधानी की कचरा शोधन क्षमता प्रतिदिन 7,641 टन है। जिससे करीब 4,200 टन का बड़ा अंतर बना हुआ है।
यह जानकारी दिल्ली आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में सामने आई है, जिसे सोमवार 23 मार्च को पेश किया गया।
सर्वेक्षण के अनुसार, कुल कचरे में से लगभग 11,500 टन दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) क्षेत्रों से, 300 टन नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) क्षेत्रों से और 62 टन दिल्ली छावनी बोर्ड से निकलता है, जिससे शहर की कचरा शोधन और कचरापट्टी पर दबाव बना हुआ है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि तीनों निकायों में कचरा संग्रहण शत-फीसद तक पहुंच चुका है, यानी शहर का लगभग पूरा कचरा रोजाना उठाया जा रहा है। हालांकि, कचरा शोधन के स्तर पर दिल्ली की स्थापित क्षमता कुल कचरे का करीब 64.4 फीसद है, जबकि वास्तविक शोधन 62.9 फीसद (लगभग 7,460 टन प्रतिदिन) ही हो पा रहा है।
स्लीपर’ बस ‘डिवाइडर’ से टकराई, एक महिला की मौत, 37 घायल
उन्नाव (उतर प्रदेश), 23 मार्च। उन्नाव जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सोमवार एक ‘स्लीपर’ बस के ‘डिवाइडर’ से टकराकर पलट जाने से एक महिला यात्री की मौत हो गई, जबकि लगभग 37 अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, हादसा बांगरमऊ क्षेत्र में नसिरापुर गांव के पास उस समय हुआ जब लखनऊ की ओर जा रही यह बस अनियंत्रित होकर ‘डिवाइडर’ की रेलिंग से टकरा गई। पुलिस का कहना है कि टक्कर इतनी तेज थी कि बस का इंजन अलग होकर एक्सप्रेसवे के नीचे जा गिरा। अधिकारियों ने बताया कि इस दुर्घटना में लखनऊ के गोसाईगंज क्षेत्र की तारावती (55) की मौके पर मौत हो गई तथा घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गंभीर रूप से घायल 14 लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।