नई दिल्ली, 22 मार्च । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को कहा कि गुरु तेग बहादुर अस्पताल, दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान और राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को एम्स जैसे संस्थान के रूप में एकीकृत करने के प्रस्तावित कदम से राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ स्नातकोत्तर और एमबीबीएस सीट में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
दिल्ली सरकार एम्स मॉडल की तर्ज पर एक स्वायत्त चिकित्सा निकाय बनाने के लिए तीनों अस्पतालों का विलय करने की योजना बना रही है। इसके तहत मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (आईएचबीएएस) को दूसरे राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान (एनआईएमएनएचएस-2) के रूप में विकसित करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों के एकीकरण संबंधी पहल का एक प्रमुख उद्देश्य स्नातकोत्तर और एमबीबीएस सीट की संख्या बढ़ाना है ताकि अधिक डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण मिल सके और स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। सरकार के अनुसार, गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल, दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान (डीएससीआई) और राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (आरजीएसएसएच) में वर्तमान में अलग-अलग संचालित विभागों को एकीकृत किया जाएगा ताकि संसाधनों और मानव संसाधन के बिखराव का समाधान हो।