नई दिल्ली, 22 फरवरी। पंचों ने विधानसभा में लाए जा रहे ‘दिल्ली बजट’ में गांव, ग्रामीण व किसानों के मुद्दों को शामिल करने की मांग की है। दिल्ली पंचायत संघ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से दिल्ली देहात के गांवों और किसानों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान अब बजट के माध्यम से सुलझाने की मांग की है। पंचायत संघ के प्रमुख थान सिंह यादव ने कहा-‘ इस बाबत दिल्ली की मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जा चुका है, जिसमें गांवों को मलिकाना हक दिए जाने और उन्हें गृहकर, कन्वर्जन चार्ज और पार्किंग शुल्क से मुक्त किया जाने की मांग शामिल है। साथ ही, दिल्ली देहात ने गांवों को भवन उपनियमों से बाहर रखते हुए रोजगार सृजन के लिए उन्हें व्यवसायिक श्रेणी में शामिल किए जाने की मांग की है।
उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली देहात ने अपने जरूरत और अनुभवों को आधार बनाते हुए कई सुझाव दिए हैं। जिसमें स्मार्ट गांव विकसित करने के लिए विशेष बजट प्रावधान किया जाए। गांवों में बारात घर और पंचायत घरों का निर्माण व पुनर्निर्माण, जल स्रोतों का निर्माण, तालाबों का विकास, मुख्य मार्गों और फिरनी को 100 फुट चौड़ा करने तथा प्रत्येक गांव में पार्किंग स्थल विकसित करने की योजना बनाने के बजटीय सुझाव शामिल हैं।