नई दिल्ली, 26 फरवरी। दिल्ली विश्वविद्यालय के शहीद भगत सिंह सांध्य महाविद्यालय तथा शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की भारतीय भाषा समिति के संयुक्त तत्वावधान में ‘भारतीय भाषा परिवार : एकत्व का प्रारूप” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हुई।
इस अवसर पर देशभर के शिक्षाविद, विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं भाषा विशेषज्ञ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता के रूप में समकृत प्रमोशन फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. चांद किरण सलूजा ने बीज वक्तव्य में उन्होंने कहा कि भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व के बौद्धिक एवं सांस्कृतिक निर्माण का आधार है।
भारतीय भाषा समिति के अध्यक्ष चामु कृष्ण शास्त्री ने भाषायी विविधता एवं राष्ट्रीय एकता के समन्वय को भारत की सांस्कृतिक शक्ति बताते हुए सामाजिक सौहार्द एवं भ्रातृत्व की भावना को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार अत्री ने अपने स्वागतीय उद्बोधन में भारतीय संविधान की अष्टम अनुसूची के महत्व पर प्रकाश डाला।