नई दिल्ली, 23 मार्च। दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी सभा/एकत्रण/विरोध प्रदर्शन/धरना/मार्च/जुलूस या इसी तरह की गतिविधि के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व लिखित सूचना और अनुमति अनिवार्य है। डीयू के प्रॉक्टर कार्यालय द्वारा इस संबंध में सोमवार को एक नोटिस जारी किया गया है जिसके तहत डीयू के सभी छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों को इसकी सख्त पालन के लिए सूचित किया गया है।
डीयू प्रॉक्टर प्रो. मनोज कुमार सिंह के अनुसार आयोजकों के लिए यह अनिवार्य है कि वे आवेदन की एक भौतिक/हार्ड कॉपी, स्वयं उपस्थित होकर, जिस पर उनके हस्ताक्षर हों और सभी वांछित जानकारी शामिल हो उसे दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर कार्यालय और संबंधित स्थानीय पुलिस अधिकारियों (संबंधित क्षेत्र के DCP/SHO) के पास जमा करें।
उन्होंने बताया कि आयोजक का नाम, कॉलेज/संस्थान/विभाग, संपर्क नंबर, ईमेल आईडी, कोर्स का नाम, कार्यक्रम का विवरण और कार्यक्रम की प्रकृति (विरोध प्रदर्शन, सार्वजनिक भाषण, धरना, रैली, आदि) के साथ, कार्यक्रम की अवधि, लॉजिस्टिक्स का उपयोग, वक्ताओं की सूची व प्रतिभागियों की अनुमानित संख्या की जानकारी आदि दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर कार्यालय और संबंधित स्थानीय पुलिस अधिकारियों (संबंधित क्षेत्र के DCP/SHO) को कम से कम 72 घंटे पहले जमा करवानी होगी।
उन्होंने बताया कि किसी भी परिस्थिति में, किसी भी इलेक्ट्रॉनिक संचार, पैम्फलेट, पोस्टर, नोटिस, सोशल मीडिया पोस्ट, वॉटसेप फॉरवर्ड, या किसी अन्य सामग्री को, चाहे वह मुद्रित हो या डिजिटल, विश्वविद्यालय से/को दी गई आधिकारिक सूचना या अनुमति के रूप में नहीं माना जाएगा और न ही स्वीकार किया जाएगा। आयोजकों और प्रतिभागियों को परिसर में ऐसी किसी भी गतिविधि में भाग लेने या शामिल होने के लिए बाहरी व्यक्तियों (जिनमें दिल्ली विश्वविद्यालय में नामांकित छात्र शामिल नहीं हैं) को आमंत्रित करने, लाने या अनुमति देने से सख्त मनाही है। प्रॉक्टर ने बताया कि इन निर्देशों के किसी भी उल्लंघन पर आयोजकों, प्रतिभागियों और सहयोगियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निष्कासन (rustication), बर्खास्तगी (expulsion), पुलिस कार्रवाई की शुरुआत और/या सक्षम प्राधिकारी द्वारा उचित समझे जाने वाले कोई अन्य उपाय शामिल हो सकते हैं।