चमोली। साल 2026 की पहली बर्फबारी ने जहां एक ओर चमोली के प्राकृतिक सौंदर्य पर चार चांद लगा दिए हैं, वहीं दूसरी ओर यह बर्फबारी आम जनजीवन और राहगीरों के लिए ‘अग्निपरीक्षा’ बनकर आई है। जनपद के औली, ज्योतिर्मठ, पोखरी, ग्वालदम,भराडीसैंण और मंडल जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात के कारण सड़कें अत्यधिक फिसलन भरी हो गईं, जिससे वाहनों का आवागमन कठिन हो गया और कई स्थानों पर वाहन रपटने लगे। कड़ाके की ठंड और शून्य से नीचे गिरते तापमान के बीच जब गाड़ियां सड़कों पर अनियंत्रित होकर रपटने लगीं, तो पर्यटकों और स्थानीय लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं। लेकिन, ऐसी विषम और विपरीत परिस्थितियों में चमोली पुलिस के जांबाज जवानों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे केवल ‘खाकी’ नहीं, बल्कि ‘संकट के साथी’ हैं। ऐसी विषम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी चमोली पुलिस के जवान कर्तव्यपथ पर चट्टान की तरह डटे रहे। अत्यधिक ठंड, बर्फीली हवाओं और फिसलती सड़कों के बावजूद पुलिस बल ने मोर्चा संभालते हुए संवेदनशील मार्गों पर तैनात रहकर वाहनों को नियंत्रित किया, यात्रियों को सुरक्षित मार्गदर्शन प्रदान किया तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता कर सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया। चमोली पुलिस की पर्यटकों से अपील है कि वे बर्फबारी के दौरान सावधानी बरतें और पुलिस के निर्देशों का पालन करें। चमोली के विभिन्न थाना क्षेत्रों के जवान मुस्तैदी से सड़कों पर जमे हुए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।