नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के भारतीय भाषा केंद्र की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किए जा रहे तीन दिवसीय स्वर्ण जयंती समारोह का आगाज 12 फरवरी गुरुवार को विश्वविद्यालय के कन्वेन्शन सेंटर में धूमधाम से शुरू हुआ।
यह कार्यक्रम केंद्र के अध्यक्ष प्रो. बन्दना झा की अध्यक्षता में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के प्रथम दिवस का शुभारंभ सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की प्रसिद्ध कृति ‘राम की शक्ति पूजा’ के नाट्य मंचन के साथ हुआ। व्योमेश शुक्ल के निर्देशन में ‘रूपवाणी’ द्वारा मंच पर रामकथा को जीवंत किया गया, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया।
साहित्य, नृत्य, संगीत एवं अभिनय ने नवरस को साकार किया। इसके पश्चात उद्घाटन सत्र, ‘बुनियाद’ शीर्षक से कार्यक्रम का प्रथम सत्र एवं ‘सृजन शीर्षक’ से कार्यक्रम का दूसरा सत्र आयोजित किया गया। उत्सव के प्रथम दिन का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के साथ हुआ।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के तौर पर इटली से आए हिन्दी के प्रसिद्ध विद्वान मार्को जौली मौजूद रहे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रबिन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलाधिपति प्रो. संतोष चौबे भी उपस्थित रहे। इस सत्र में वक्ताओं के रूप में विश्वविद्यालय के पूर्व प्राध्यापक प्रो. सिद्दीक उर रहमान किदवई, जो केंद्र के संस्थापकों में भी थे और प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल, प्रो. चमन लाल, प्रो. रणजीत साहा, प्रो. मज़हर हुसैन और प्रो. अनवर पाशा भी उपस्थित रहे। सत्र का प्रारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ।