नई दिल्ली, 26 जनवरी: गणतंत्र दिवस परेड समारोह में भारतीय सेना ने खूब तालियां बटोरीं।

दरअसल मई की शुरुआत में आपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना द्वारा तैनात प्रमुख हथियार प्रणालियों की प्रतिकृतियों को प्रदर्शित करने वाली त्रि-सेवा झांकी एक प्रमुख आकर्षण रही। ब्रह्मोस और एस-400 मिसाइल जैसी हथियार प्रणालियों के उपयोग के साथ ऑपरेशन सिंदूर के संचालन को दर्शाने वाले, एक कांच के आवरण वाले एकीकृत परिचालन केंद्र ने कर्तव्य पथ पर खूब तालियां बटोरीं।
ब्रह्मोस मिसाइल के जरिये दुश्मन पर घातक वार किया गया था, आकाश मिसाइल प्रणाली और एस-400 ने पाकिस्तान के साथ सात से 10 मई के संघर्ष के दौरान सुरक्षा कवच प्रदान किया था।
हवाई सहायता प्रदान करने के लिए स्वदेशी ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और इसका सशस्त्र संस्करण, रुद्र, प्रहार फार्मेशन में, युद्ध के मैदान को आकार देने का कौशल प्रदर्शन कर रहा था।
नवगठित भैरव बटालियन के दस्ते भी पीछे नहीं रहे, उन्होंने भी परेड में ध्यान खींचा।
भारतीय वायुसेना के मार्चिंग दस्ते के साथ दो राफेल जेट, दो मिग-29, दो सुखोई-30 और एक जगुआर विमान द्वारा ‘स्पीयरहेड’ फॉर्मेशन में एक रोमांचक फ्लाई-पास्ट किया गया, जो ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ का प्रतीक है।
परेड के सबसे उत्सुकतापूर्वक प्रतीक्षित आयोजनों में से एक ‘हवाई प्रदर्शन’ था। इसमें कुल 29 विमानों ने भाग लिया। इन विमानों में 16 लड़ाकू जेट, चार परिवहन विमान और नौ हेलीकॉप्टर शामिल थे। इनमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29 और जगुआर विमान शामिल थे।
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