नई दिल्ली, 26 फरवरी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा आठवीं कक्षा की पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर एक अध्याय शामिल किए जाने को लेकर गुरुवार को नाराजगी जताए जाने के बाद उन्होंने कहा-‘जवाबदेही तय करने और पाठ्यक्रम के विवादास्पद अंश को तैयार करने में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी’।
प्रधान ने इस बात पर जोर भी दिया कि सरकार न्यायपालिका का पूरा सम्मान करती है और इस संस्था का अनादर करने का उसका कोई इरादा नहीं है।
शीर्ष अदालत ने एनसीईआरटी की आठवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक पर ”पूर्ण प्रतिबंध” लगा दिया, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर एक अध्याय शामिल किया गया था।
न्यायालय ने पुस्तक की सभी प्रतियों को जब्त करने के साथ-साथ इसके डिजिटल संस्करण को भी हटाने का आदेश दिया।
एक दिन पहले एनसीईआरटी ने सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में ”अनुचित सामग्री” के लिए माफी मांगी थी और कहा था कि प्राधिकारियों से परामर्श करके इसे फिर से लिखा जाएगा।