आगरा: विधायक श्री पुरुषोत्तम खंडेलवाल जी ने खादी ग्रामोद्योग विकास प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत जनपद में खादी प्रोत्साहन व रोजगार सृजन को बढ़ावा देने हेतु उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम प्रधानों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के यशस्वी व कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार के नव निर्माण के 09 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में सूर सदन प्रेक्षागृह में खादी सेमिनार- तथा ग्रामोद्योग विकास योजना के माध्यम से ग्रामीण उद्योगों को एक नई दिशा और रफ्तार देने व खादी ग्रामोद्योग विकास प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत पंचायतों में खादी प्रोत्साहन व रोजगार सृजन को बढ़ावा देने हेतु उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम प्रधानों- श्री रामवीर, कौशल किशोर, गौरव कुमार, जयश्री सिंह,पूजा देवी, गुड्डी देवी, मनीष,लक्ष्मी देवी, शेवा राम, बबिता, नेमीचंद,शारदा,राकेश कुमार आदि को मा. विधायक श्री पुरुषोत्तम खंडेलवाल जी ने सम्मानित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मा.विधायक श्री खंडेलवाल जी तथा अतिथिगण द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित व पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
खादी सेमिनार में विभिन्न वक्ताओं ने खादी प्रोत्साहन तथा खादी के स्वतंत्रता संग्राम से आज तक की देश में खादी की यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला, खादी का इतिहास बहुत पुराना है, और इसका उल्लेख प्राचीन भारतीय ग्रंथों में मिलता है।खादी,स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है, यह ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान करता है,पर्यावरण संरक्षण में योगदान देता है,पारंपरिक कारीगरों की कला को संरक्षित करता है,आज का खादी,आधुनिक डिज़ाइन और फैशन में शामिल है ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर भी उपलब्ध है,वैश्विक बाजार में निर्यात किया जाता है,खादी एक महत्वपूर्ण पारंपरिक कपड़ा है जो भारतीय संस्कृति का एक हिस्सा है। इसका संरक्षण और प्रचार करना हमारा कर्तव्य है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत ग्राम सभाओं में खादी एवं ग्रामोद्योग योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने व जागरूकता के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम प्रधानों को पटका पहनाकर,प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया है।
जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी श्रीमती नीतू यादव ने बताया कि खादी को बढ़ावा देने का उद्देश्यः ’वोकल फॉर लोकल’ और ’आत्मनिर्भर भारत’ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में खादी एवं ग्रामोद्योग, जैसे- कुम्हार कला, हथकरघा, और अन्य ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देना। यह सम्मान प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत ग्रामीण स्तर पर इकाई स्थापित करने में योगदान के लिए दिया गया। यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और स्थानीय उद्योग के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।