नई दिल्ली: सिख बेटियों के अंतरधार्मिक विवाह तथा धर्मांतरण की लगातार सामने आ रहीं घटनाओं के लिए कमजोर कानूनों को सिख नेताओं ने जिम्मेदार बताया है।
पार्टी कार्यालय में 25 फरवरी को पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना तथा मनजीत सिंह जीके ने कश्मीर के बारापूला से 12 फरवरी को अगवा हुई सिख बेटी की हैदराबाद से हुई बरामदगी की जानकारी दी।
सरना ने कहा कि हम इस मामले में बारामूला पुलिस का धन्यवाद करते है, जिन्होंने त्वरित कार्रवाई करके बेटी को परिवार के पास वापस पहुंचाया है। दोनों नेताओं ने सिख बेटियों के अंतरधार्मिक विवाह को रोकने के लिए बेटी के अभिभावकों की मर्जी को लाजमी करने की भी सरकार से मांग उठाई। जीके ने दावा किया कि इस कश्मीरी सिख बेटी को ब्लैकमेल करने तथा बेचने तक की कोशिश इसको अगवा करने वाले आपराधिक प्रवृत्ति के एक मुस्लिम युवक ने की थी।